
ममता बनर्जी (Photo-IANS)
EC suspends Bengal official: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। एक तरफ जहां SIR को लेकर ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) हमलावर हैं तो वहीं राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा उन्हें घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है। राज्य की सियासी रस्साकशी के बीच चुनाव आयोग (EC) की कार्रवाई ने बरबस सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। चुनाव आयोग ने राज्य की सरकारी कर्मचारी ज्योत्सना खातून को निलंबित कर दिया है।
दरअसल, ज्योत्सना खातून पर आरोप है कि वे ड्यूटी के दौरान खुलेआम तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में प्रचार कर रही थी। चुनाव आयोग की तरफ से इसको लेकर कहा गया कि उनके पास इस बात के पक्के सबूत है, लिहाजा उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई।
ज्योत्सना खातून ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर के पद पर थी। उन्हें चुनाव के दौरान एआरओ यानी असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी दी गई थी। चुनाव आयोग को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल निर्वाचन अधिकारी ने 2 अप्रैल को उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी। चुनाव आयोग की तरफ से सिफारिश को मंजूर कर लिया गया। उन्हें तुरंत निलंबित करते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं।
यह मामला सिर्फ एक अधिकारी के निलंबन तक ही नहीं सिमटा रहा। चुनाव आयोग का ध्यान उस गड़बड़ी की तरफ भी गया, जहां राज्य के 832 तृणमूल कांग्रेस नेताओं की सुरक्षा में 2185 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। चुनाव आयोग ने इसको गंभीरता से लेते हुए पश्चिम बंगाल के डीजीपी को 2-3 दिनों में पूरी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा गया है।
चुनाव आयोग की इस कार्रवाई से राजनीतिक दलों में स्पष्ट संदेश गया है कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह के पक्षपात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में मतदान होना है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा, जबकि दूसरे चरण में मतदाता 29 अप्रैल को वोट डाल सकेंगे। मतगणना के लिए 4 मई की तारीख चुनाव आयोग की तरफ से निर्धारित की गई है।
Updated on:
04 Apr 2026 12:23 am
Published on:
03 Apr 2026 10:01 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
