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ईरान-इजरायल जंग का केरलम चुनाव पर असर: खाड़ी देशों में फंसे हजारों भारतीय, अब क्या होगा?

ईरान और US-इजरायल के बीच 28 फरवरी से शुरू हुई जंग का असर ग्लोबल ऑयल मार्केट (Global Oil Market) पर पड़ा है। मीडिल ईस्ट में जारी जंग (Middle East War) का असर केरलम विधानसभा चुनाव (Keralam Assembly Elections) में भी दिख रहा है।

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CEC ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त SS संधू और विवेक जोशी के साथ(Photo- IANS)

Keralam Assembly Elections 2026: केरलम की 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा। केरलम में होने वाले विधानसभा चुनाव पर मीडिल ईस्ट में जारी ईरान और US-इजरायल जंग का असर दिखेगा। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष की वजह से 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। ऐसी परिस्थिति में हजारों भारतीय खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं।

केरलम चुनाव पर युद्ध का असर, विदेश में फंसे 90% NRI वोटर्स

ईरान और US-इजरायल युद्ध का असर केरलम विधानसभा चुनाव में दिखेगा। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष की वजह से हजारों भारतीय खाड़ी देशों में फंस गए हैं। विदेश में फंसे लोगों में करीब 90% NRI वोटर्स शामिल हैं। दुबई, कतर, सऊदी अरब, बहरीन आदि में करीब 22 लाख मलयाली लोग काम करते हैं। विदेश में काम कर रहे NRI वोटर्स अक्सर चुनाव अथवा किसी खास मौके पर ही भारत लौटते हैं। इस बार ईरान-इजरायल जंग की वजह से यह NRI वोटर्स खाड़ी देशों में फंस गए हैं।

विदेश में फंसे NRI वोटर्स का केरलम चुनाव पर असर

ईरान-इजरायल युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्रों से भारत आने वाली 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। हवाई टिकट की कीमतें सामान्य से 4 गुना तक बढ़ गई हैं। ऐसी परिस्थिति के कारण खाड़ी देशों में हजारों मलयाली वोटर्स फंस गए हैं। खाड़ी देशों में काम करने वाले मलयाली NRI वोटर्स इस बार 9 अप्रैल को होने वाले केरलम विधानसभा चुनाव में वोट देने के लिए नहीं पहुंच पाएंगे।

विदेश में फंसे NRI वोटर्स का असर सबसे ज्यादा मालाबार क्षेत्र की 50 विधानसभा सीटों पर पड़ेगा। इसमे खासकर कन्नूर से पलक्कड़ का क्षेत्र शामिल है। इन इलाकों में कुछ विधानसभा क्षेत्रों के करीब 40 प्रतिशत तक मतदाता विदेश में, खासकर खाड़ी देशों में रहते हैं। पिछले चुनावों में कई सीटों पर जीत-हार बहुत कम मार्जिन से हुई थी। ऐसे में NRI वोटर्स ने निर्णायक भूमिका निभाई थी। इस बार 90 प्रतिशत से अधिक NRI वोटर्स मतदान नहीं कर पाएंगे।

पिछले चुनाव में NRI वोटर्स की भूमिका

केरलम विधानसभा चुनाव के लिए इस बार 90 प्रतिशत से अधिक NRI वोटर्स मतदान नहीं कर पाएंगे। इन NRI वोटर्स की वजह से कई सीटों का रिजल्ट पलट सकता है। पिछले चुनाव की बात करें तो कम मार्जिन से हार-जीत होने वाले क्षेत्रों में NRI वोटर्स निर्णायक भूमिका में रहे। पेरिन्थलमान्ना में 38 वोट से हार-जीत हुई, इस क्षेत्र में करीब 5 हजार NRI वोटर्स थे। इसी तरह कुट्टियाडी में 333 वोट से जीत हुई, यहां 16,000 NRI वोटर्स थे। इसके अलावा नडापुरम में 3,385 वोट से जीत हुई, जिसमें 12,000 NRI वोटर्स शामिल हैं।