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कांग्रेस के एक और मुख्यमंत्री पर लगा घोटाले का आरोप, BJP बोली भ्रष्टाचार में डूबा है CM का परिवार

Karanataka: सीएम सिद्दारमैया के नेतृत्व में 5000 करोड़ से अधिक की साइट आवंटित की गई है। शहरी विकास मंत्री बैराठी सुरेश इस घोटाले में शामिल अधिकारियों को बचा रहे हैं।

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Jul 10, 2024

कर्नाटक में मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (मुदा) घोटाले की आंच अब सूबे के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके परिवार तक पहुंचने लगी है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अब बीजेपी ने सिद्दारमैया सरकार पर हमला बोला है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने मुदा घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि जो पैसा एससी/एसटी के लिए था, उसका इस्तेमाल कर्नाटक ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों के चुनावों में भी किया गया।

घोटाले में शामिल अधिकारियों को बचा रहे मंत्री

बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि सीएम सिद्दारमैया के नेतृत्व में 5000 करोड़ से अधिक की साइट आवंटित की गई है। शहरी विकास मंत्री बैराठी सुरेश इस घोटाले में शामिल अधिकारियों को बचा रहे हैं। मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (मुदा) में इतना बड़ा घोटाला हुआ है। सीएम सिद्दारमैया खुद मैसूर से हैं और उनकी पत्नी को 30-40 करोड़ से अधिक की साइट अवैध रूप से दी गई।

घोटाले के खिलाफ प्रदर्शन करेगी BJP

उन्होंने बताया कि बीजेपी इस घोटाले को लेकर मैसूर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी। पिछले साल बहुत सारी अनियमितताएं हुई हैं। इस विभाग में हजारों करोड़ का घोटाला हुआ है। सीएम का परिवार खुद इसमें शामिल है और सैकड़ों करोड़ का घोटाला हुआ है। हम सीबीआई जांच की मांग करते हैं। इस संबंध में हम सरकार का घेराव भी करेंगे।

कर्नाटक के पैसे से लोकसभा का चुनाव लड़ी कांग्रेस

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र ने कर्नाटक सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि पड़ोसी राज्यों में पैसे भेजे गए हैं और इस पैसे का इस्तेमाल कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव में किया। इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। पिछले दो महीनों में एसआईटी ने मंत्री बी नागेंद्र को नोटिस जारी करने की जहमत तक नहीं उठाई। उन्होंने आगे कहा कि अभी तक एसआईटी ने उन्हें पूछताछ के लिए भी नहीं बुलाया। इसलिए अब वे जांच को लेकर आवाज उठा रहे हैं।

दलितों के पैसों का हुआ घोटाला

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी वाल्मीकि विकास निगम घोटाले में जांच की मांग कर रही है, क्योंकि यह पैसा दलितों और उनके समुदाय के विकास का है। इसमें बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया। खुद मंत्री भी इसमें शामिल हैं, शरण प्रकाश पाटिल का नाम भी इस घोटाले में सामने आया है। हम एसआईटी से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं कर सकते, क्योंकि सिद्दारमैया के मंत्री भी इसमें शामिल हैं।

Published on:
10 Jul 2024 08:30 pm
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