असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। सांसद प्रद्युत बोरदोलोई और उपाध्यक्ष नवज्योति तालुकदार के इस्तीफे से पार्टी में बढ़ती अंदरूनी कलह और टिकट विवाद उजागर हो गया है, जिससे चुनावी रणनीति पर असर पड़ सकता है।
Congress Party: असम की राजनीति इन दिनों काफी गरमाई हुई है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जो घटनाक्रम सामने आ रहा है, उसने कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। पार्टी के दो अहम नेताओं नगांव से सांसद प्रद्युत बोरदोलोई और असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष नवज्योति तालुकदार ने अचानक इस्तीफा देकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।चुनाव से पहले इस तरह के इस्तीफे किसी भी पार्टी के लिए अच्छे संकेत नहीं माने जाते, और कांग्रेस के मामले में भी यही हो रहा है।
नवज्योति तालुकदार ने अपने इस्तीफे में साफ शब्दों में नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर लंबे समय से समन्वय की कमी है और उनकी शिकायतों पर कभी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में पार्टी में बने रहना अब न तो सही है और न ही उनके लिए उपयोगी। उन्होंने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका अंतिम निर्णय है और वह चाहते हैं कि उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार किया जाए।
दूसरी ओर, प्रद्युत बोरदोलोई ने भी काफी भावुक अंदाज में पार्टी से अलग होने का फैसला सुनाया। उन्होंने अपने पत्र में दुख जताते हुए कहा कि वह कांग्रेस के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि टिकट वितरण को लेकर वह पहले से ही नाराज थे। खासतौर पर लाहोरीघाट सीट के उम्मीदवार को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई थी और पार्टी नेतृत्व को चेतावनी भी दी थी। दरअसल, टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस के अंदर खींचतान नई बात नहीं है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले इस तरह का विरोध सामने आना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कार्यकर्ताओं के बीच भी असमंजस की स्थिति बन गई है।