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ईद पर काली पट्टी बांधें, शोर-शराबे से दूर रहें: खामेनेई की शहादत पर AISC की मुसलमानों से अपील

फरवरी में 28 तारीख को शुरू हुए युद्ध में इजरायल-अमेरिका के हमले से ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई की मौत हो गई थी। आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई की मौत के बाद से पूरी दुनिया में शिया समुदाय में मातम छाया है। अब शिया समुदाय ने खामेनेई के समर्थन में मुस्लिम समुदाय से खास अपील की है।

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भारत

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Vinay Shakya

Mar 17, 2026

Ayatollah Ali Khamenei

Ayatollah Ali Khamenei

Iran–Israel conflict: ईरान और US-इजरायल संघर्ष को 2 हफ्ते बीत चुके हैं। इस युद्ध में US-इजरायल के हमले से ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई की मौत को लेकर पूरी दुनिया में शिया समुदाय में मातम का माहौल है। खामेनेई के शव को अभी तक सुपुर्द-ए-खाक नहीं किया गया है। इस बीच ऑल इंडिया शिया काउंसिल ने मुस्लिमों से खास अपील की है। अखिल भारतीय शिया परिषद के प्रवक्ता मौलाना जलाल हैदर नकवी ने कहा कि इस युद्ध के दौरान सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई साहब शहीद हो गए हैं। युद्ध की वजह से उनका अंतिम संस्कार अभी तक नहीं हुआ है।

ईद की नमाज में काली पट्टी बांधे, दमनकारी ताकतों को संदेश दें

ऑल इंडिया शिया काउंसिल ने कहा- वरिष्ठ विद्वानों और धार्मिक नेताओं से परामर्श के बाद निर्णय लिया है कि इस वर्ष ईद-उल-फितर(ईद) को अत्यंत सादगी से मनाया जाए। मौलाना नकवी ने सभी शिया मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि वे नमाज अदा करते समय हाथ पर काली पट्टी बांधें, ताकि अत्याचार के खिलाफ विरोध की आवाज जारी रहे और दमनकारी ताकतों को संदेश मिले।

ईद पर सार्वजनिक कार्यक्रमों, जश्न और अन्य परंपराओं से बचें

ऑल इंडिया शिया काउंसिल के प्रवक्ता मौलाना जलाल हैदर नकवी ने कहा- ईद मनाने का मतलब बड़े समारोह, ईद की सभाओं, सार्वजनिक कार्यक्रमों, एक-दूसरे को गले लगाने, नए कपड़े पहनने, घरों में जश्न मनाने जैसी पारंपरिक रस्मों से पूरी तरह बचना है। ये सभी पारंपरिक गतिविधियां अगले वर्षों में जारी रहेंगी, लेकिन इस बार शोक और एकजुटता के प्रतीक के रूप में सादगी अपनाई जाए।

कई राज्यों में सादगीपूर्ण ईद मनाने की अपील

मौलाना ने कहा कि यह फैसला खामेनेई की शहादत के प्रति सम्मान और फिलिस्तीन-ईरान के संघर्ष में शहीदों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों में शिया संगठनों ने भी ईद को 'म्यूटेड' या सादगीपूर्ण बनाने की घोषणा की है। भारत में शिया समुदाय के बीच यह फैसला व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इसे वैश्विक शिया एकता और विरोध का प्रतीक मान रहे हैं। खामेनेई के सम्मान में ईरान में 40 दिनों का शोक घोषित किया गया है, लेकिन युद्ध के कारण अंतिम संस्कार में देरी हो रही है।

28 फरवरी को हुई थी खामेनेई की हत्या

अमेरिका-इजराइल ने तेहरान में हमला करके 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या कर दी थी। खामेनेई की हत्या की पुष्टि ईरानी सरकार और राज्य मीडिया ने 1 मार्च 2026 को की थी। अमेरिका-इजराइल ने बड़े प्लान के तहत यह हमला किया था। अमेरिकी खुफिया एजेंसी की मदद से खामेनेई को टारगेट करके यह हमला किया गया था।

खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे और मध्य पूर्व में सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले नेताओं में से एक थे। खामेनेई ने इस्लामी गणराज्य की कट्टर नीतियों, क्षेत्रीय प्रभाव और घरेलू दमन को मजबूत किया। उनकी मौत के बाद ईरान ने 40 दिनों का शोक घोषित किया, जबकि उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को मार्च 2026 में नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया।