मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा पीएम मोदी हमारे सशस्त्र बलों की वीरता का व्यक्तिगत श्रेय ले रहे हैं, उनकी बहादुरी के पीछे छिप रहे हैं और सहमत युद्ध विराम की रूपरेखा को चकमा दे रहे हैं।
Mallikarjun Kharge: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की मोदी सरकार पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया। यह बयान सिंगापुर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान के एक साक्षात्कार के बाद आया, जिसमें उनके बयानों ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया। खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि CDS के बयान से कई सवाल उठे हैं, जिनके जवाब के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद की सैन्य कार्रवाइयों, जैसे ऑपरेशन सिंदूर, पर चर्चा की मांग की।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर पारदर्शिता नहीं बरत रहे और युद्धविराम (सीजफायर) की शर्तों को स्पष्ट नहीं कर रहे। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यह युद्धविराम देश के हित में था। इसके अलावा, खरगे ने कारगिल युद्ध की तर्ज पर एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की, जो इन घटनाओं की गहन समीक्षा करे।
एक्स पर पोस्ट करते हुए खरगे ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध विराम कराने के अपने दावे को फिर दोहराया है। यह शिमला समझौते का सीधा अपमान है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बार-बार किए गए दावों और अमेरिकी वाणिज्य सचिव द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार न्यायालय में दायर हलफनामे को स्पष्ट करने के बजाय, पीएम मोदी चुनावी तूफान में हैं।
उन्होंने एक्स पर लिखा कि पीएम मोदी हमारे सशस्त्र बलों की वीरता का व्यक्तिगत श्रेय ले रहे हैं, उनकी बहादुरी के पीछे छिप रहे हैं और सहमत युद्ध विराम की रूपरेखा को चकमा दे रहे हैं, जिसकी घोषणा विदेश सचिव ने 10 तारीख को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद की थी।
बता दें कि विपक्षी दलों, जैसे तृणमूल कांग्रेस (TMC), ने भी पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए विशेष सत्र की मांग का समर्थन किया है। TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने खुफिया विफलताओं की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया।