कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए, जब डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शेयर वीडियो में भारत पर आपत्तिजनक टिप्पणी हुई। MEA के हल्के जवाब पर भी विवाद बढ़ा, विपक्ष ने सरकार से कड़ी प्रतिक्रिया देने की मांग की है।
Congress President Mallikarjun Kharge: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फिर से पर तीखा हमला बोला। वजह बनी एक विवादित वीडियो, जिसे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शेयर किया था। इस वीडियो में भारत और चीन के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था, जिसे लेकर देश की राजनीति गर्म हो गई है। उसमें भारत को धरती पर नरक कहकर संबोधित किया गया था। जिसके बाद विवाद बढ़ गया था। इसी के बाद खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी खुलकर जताई। उनका कहना था कि जब भारत जैसे बड़े देश का अपमान किया जा रहा है, तब प्रधानमंत्री की चुप्पी समझ से बाहर है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर भारत सरकार इस मुद्दे को अमेरिका के सामने मजबूती से क्यों नहीं उठा रही।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 'नमस्ते ट्रंप' जैसे आयोजनों में दोस्ती दिखाने वाले प्रधानमंत्री अब चुप क्यों हैं। खड़गे के मुताबिक, यह सिर्फ एक बयान नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की गरिमा का सवाल है। विदेश मंत्रालय की ओर से भी इस पूरे मामले पर बहुत सीमित प्रतिक्रिया आई। मंत्रालय के प्रवक्ता ने बस इतना कहा कि हमने कुछ रिपोर्ट्स देखी हैं, इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना है। इस छोटे से जवाब ने विपक्ष को और हमला करने का मौका दे दिया।
दरअसल, यह पूरा विवाद एक वीडियो से शुरू हुआ। इस वीडियो में अमेरिकी रेडियो होस्ट माइकल सैवेज अमेरिका में जन्म से नागरिकता मिलने के कानून की आलोचना कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने भारत और चीन का जिक्र करते हुए बेहद आपत्तिजनक शब्द इस्तेमाल किए। बाद में ट्रंप ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर कर दिया, जिससे मामला और बढ़ गया।
खड़गे ने अपने बयान में यह भी कहा कि पिछले कुछ समय से भारत-अमेरिका संबंधों में कई ऐसे फैसले हुए हैं, जो देश के हित में नहीं दिखते। उन्होंने व्यापार समझौतों, टैरिफ और अंतरराष्ट्रीय मामलों का जिक्र करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। आखिर में उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि चुनावी व्यस्तताओं के बीच वे इस मुद्दे पर भी ध्यान दें और देश की जनता को जवाब दें। उनके मुताबिक, यह सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि देश की प्रतिष्ठा का सवाल है।