कांग्रेस महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कर्नाटक मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई पर आरोप लगाते हुए कहाकि, मतदाता डेटा की चोरी कर रहे हैं सीएम। इसकी जांच होनी चाहिए। और कर्नाटक मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई तुरंत इस्तीफा दें। साथ ही इस मामले में कांग्रेस ने पुलिस आयुक्त के यहां पर शिकायत दर्ज कराई है।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव अगले साल 2023 में होने वाले हैं। सियासी हलचल तेज हो गई है। आरोप-प्रत्यारोप के दौर जारी हैं। कांग्रेस पार्टी कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई पर लगातार आरोप लगा रही हैं। कांग्रेस ने कहाकि, कर्नाटक मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई इस्तीफा दें। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि, खुलासे से पता चलता है कि कर्नाटक मुख्यमंत्री सहित सत्ता के गढ़ में बैठे लोग मतदाता डेटा की चोरी, धोखाधड़ी और प्रतिरूपण के लिए जिम्मेदार हैं। 30 दिन में कर्नाटक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश की अध्यक्षता में एक जांच हो ताकि सच्चाई सामने आए। साथ ही इस मामले में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, बीबीएमपी आयुक्त और अन्य अधिकारियों के खिलाफ पुलिस आयुक्त के पास उनके आरोप के संबंध में शिकायत दर्ज की।
मतदाता डेटा की चोरी कर रहे हैं सीएम
कांग्रेस महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आज एक प्रेस कांफ्रेस कर कर्नाटक सीएम पर हमला बोला और ढेर सारे गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि, खुलासे से पता चलता है कि कर्नाटक मुख्यमंत्री सहित सत्ता के गढ़ में बैठे लोग मतदाता डेटा की चोरी, धोखाधड़ी और प्रतिरूपण के लिए जिम्मेदार हैं। CM बोम्मई, उनके अधिकारी, सरकारी अधिकारी, बीबीएमपी के लोग और राज्य चुनाव प्राधिकरण लोकतंत्र को रौंदने में भागीदार हैं।
इन सबके खिलाफ दर्ज हो FIR
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आगे कहाकि, इन सबके खिलाफ FIR दर्ज हो और CM बोम्मई जी इस्तीफा दे और 30 दिन में कर्नाटक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश की अध्यक्षता में एक जांच हो ताकि सच्चाई सामने आए। ये सरकार जनमत खो चुकी है इसलिए वोट चोरी कर रही है। विपक्षी नेता इन सबके खिलाफ FIR दर्ज करवाने जाएंगे।
निजी संस्था को नियुक्त करना भ्रष्ट चुनावी अभ्यास
कर्नाटक में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि, वह डोर-टू-डोर मतदाता जानकारी एकत्र करने के लिए एक निजी संस्था को नियुक्त करके एक भ्रष्ट चुनावी अभ्यास के लिए सीधेतौर पर जिम्मेदार हैं। रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि, बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने अगस्त में एक निजी फर्म को घर-घर जाकर मतदाताओं का सर्वेक्षण करने के लिए अधिकृत किया था। 'मुफ्त में' जिन्होंने उनके लिंग, मातृभाषा के बारे में जानकारी जुटाई, मतदाता पहचान पत्र और आधार विवरण एकत्र किया।
गरुड़ एप्लिकेशन में फीड नहीं किया गया क्यों?
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि, डेटा के कैश को सरकार के गरुड़ एप्लिकेशन में फीड नहीं किया गया था, बल्कि निजी फर्म के 'डिजिटल समीक्षा' एप्लिकेशन में किया गया था। फर्म ने सैकड़ों बीएलओ को भी नियुक्त किया, जो तकनीकी रूप से सरकार द्वारा नियुक्त व्यक्ति होना चाहिए। सुरजेवाला ने कहा, इन बीएलओ को पहचान पत्र भी दिया गया था जैसे कि वे सरकारी कर्मचारी हों।
सर्वेक्षण करने की अनुमति किसने दी?
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आगे कहाकि, हम जानना चाहते हैं कि बीबीएमपी की ओर से एक निजी संस्था को सर्वेक्षण करने की अनुमति किसने दी? किसने सरकार को एक निजी संस्था को ऐसा अनुबंध देने की सिफारिश की और ठेकेदार के पूर्ववृत्त की जांच क्यों नहीं की गई?
कर्नाटक सीएम घूस देने का कांग्रेस का आरोप
इससे पूर्व दिवाली पर कर्नाटक सीएम बसवराज बोम्मई को घेरते हुए कांग्रेस ने कहाकि, दिवाली के मौके पर कई पत्रकारों को एक लाख रुपए कैश भेजकर घूस देने के प्रयास किया गया। बोम्मई के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज होना चाहिए। विपक्षी दल ने आरोपों की न्यायिक जांच कराने की भी मांग की।