Consumption Expenditure Survey 2025: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन लोकसभा में उपभोग व्यय सर्वेक्षण पेश किया। सर्वेक्षण के अनुसार 52.5% के साथ बिहार दूसरे, 51.5% के साथ पश्चिम बंगाल तीसरे और 50.3% के साथ मेघालय चौथे स्थान पर रहा। पढ़िए विनीत शर्मा की स्पेशल रिपोर्ट।
Consumption Expenditure Survey: खाने-पीने पर खर्च करने के मामले में पश्चिम बंगाल शीर्ष राज्यों में तीसरे नंबर पर है। इस मामले में असम पहले और बिहार दूसरे नंबर पर हैं। अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा खाने-पीने पर खर्च करने के मामले में मेघालय चौथे नंबर पर है। यह जानकारी राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से किए गए घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण 2023-24 में सामने आई। सर्वेक्षण (Survey 2025) के अनुसार, भारत के अलग-अलग राज्यों में खाने-पीने पर खर्च का प्रतिशत अलग-अलग है। सर्वे के मुताबिक, दिल्ली, केरल, पंजाब और महाराष्ट्र में सबसे कम खर्च किया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में प्रोसेस्ड फूड और पेय पदार्थों पर खर्च बढ़ा है, जिससे उपभोग प्रवृत्तियों में बदलाव झलकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, 53.2% के साथ असम के लोगों ने अपनी मासिक आय का सबसे अधिक हिस्सा खाने-पीने की चीजों पर खर्च किया। इसके बाद 52.5% के साथ बिहार दूसरे, 51.5% के साथ पश्चिम बंगाल तीसरे और 50.3% के साथ मेघालय चौथे स्थान पर रहे। इन राज्यों में पेय पदार्थों और प्रोसेस्ड फूड पर खासतौर से अधिक खर्च किया गया।
| राज्य | खर्च |
| असम | 12.8% |
| बिहार | 10.46% |
| पश्चिम बंगाल | 10.3% |
| राज्य | खर्च |
| केरल (ग्रामीण) | 40.32% |
| दिल्ली | 40.32% |
| पंजाब | 42.4% |
| महाराष्ट्र | 42.74% |
शहरी क्षेत्रों में बिहार ने खाद्य पदार्थों पर सबसे अधिक 48.8% खर्च किया। इसके बाद गोवा ने 47.9%, असम ने 47.4% और सिक्किम ने 46.3% खर्च किया। शहरी इलाकों में भी प्रोसेस्ड फूड और पेय पदार्थों पर सबसे अधिक खर्च किया गया। शहरी क्षेत्रों में अनाज पर सबसे ज्यादा खर्च मणिपुर ने 6.7%, झारखंड ने 5.84% और बिहार ने 5.76% किया।
| राज्य | खाद्य पदार्थों पर खर्च (%) | अनाज पर खर्च (%) | प्रोसेस्ड फूड और पेय पदार्थों पर खर्च (%) |
| असम | 53.2 | 6.5 | 12.8 |
| बिहार | 52.5 | 6.59 | 10.46 |
| पश्चिम बंगाल | 51.5 | 6.46 | 10.3 |
| मेघालय | 50.3 | 5.8 | 9.5 |
| दिल्ली | 40.32 | 3.2 | 7.8 |
| केरल (ग्रामीण) | 40.32 | 4.1 | 8.2 |
| पंजाब | 42.43 | 4.5 | 8.9 |
| महाराष्ट्र | 42.74 | 4.3 | 8.5 |
रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में खाद्य पदार्थों पर खर्च की हिस्सेदारी 46.4% से बढ़कर 47.04% हो गई, जबकि शहरी इलाकों में यह 39.2% से बढक़र 39.7% हो गई।