Corona देशभर में बढ़ते कोरोना मामलों के बीच केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को खत लिखकर कोरोना से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने का निर्देश जारी किया है। इसके तहत जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए जाने से लेकर एंबुलेंस और बेड तैयार रखने को कहा गया है।
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( Coronavirus In India )लगातार पैर पसार रहा है। बीते कुछ दिनों में यहां दोगुना गति से कोविड के मामलों में तेजी देखने को मिली है। कुछ राज्यों में तो हालात चिंताजनक बने हुए हैं। खास तौर पर महाराष्ट्र और दिल्ली में कोरोना के नए केस खतरनाक रफ्तार से बढ़ रहे हैं। इस बीच गुरुवार को बीते 24 घंटों में 90 हजार से ज्यादा नए केस सामने आए हैं। हर दिन बीते कल के मुकाबले 50 फीसदी के करीब ज्यादा केस आ रहे हैं। ऐसे में सरकार भी अब सतर्क हो गई है। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से अब राज्यों और सभी केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर जिला और उप-जिला स्तर पर तैयारी के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
केंद्र सराकर की ओर से राज्यों को खत लिखकर कोरोना से निपटने के लिए जरूरी तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत कंट्रोल रूम बनाने से लेकर एंबुलेंस और बेड तैयार रखने को कहा गया है।
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राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ये निर्देश
- केंद्र सरकार ने राज्यों को सलाह दी है कि इन कंट्रोल रूम्स में डॉक्टरों, काउंसलर और वॉलंटियर्स की पूरी तैनाती की जाए।
- इसके अलावा हेल्पलाइन भी बनाने की बात कही है ताकि लोग मदद के लिए आसानी से संपर्क कर सकें।
- कंट्रोल रूम में मरीजों का पूरा डाटा रखा जाएगा, इसमें एंबुलेंस और बेड की बुकिंग की जा सकेगी
- केंद्र सरकार ने सलाह दी है कि इन कंट्रोल रूम्स में कंप्यूटर होने चाहिए और ब्रॉडबैंड सर्विस होनी चाहिए
- केसों की संख्या के मुताबिक इन कंट्रोल रूम को हर वक्त ऐक्टिव रखा जाए।
टेस्टिंग पर जोर
इसके साथ ही केंद्र सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच टेस्टिंग पर जोर देने को कहा है। इसके साथ ही अन्य तमाम सुविधाओं के रीयल टाइम अपडेट पर भी अलर्ट किया है। केंद्र सरकार ने राज्यों को दी गई सलाह में कहा, कोविड टेस्टिंग, एंबुलेंस की उपलब्धता का रियल टाइम डेटा इन कंट्रोल रूम्स में उपलब्ध होना चाहिए।
कॉलर को यह जानकारी भी दी जानी चाहिए कि वह कैसे बेड बुक कर सकता है और कैसे एंबुलेंस बुला सकता है। इस बारे में पूरी प्रक्रिया कॉलर को समझाई जानी चाहिए।
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होम आइसोलेशन वाले मरीजों पर नजर
केंद्र ने सिर्फ 8 बिंदुओं में राज्यों को बताया गया है कि कंट्रोल रूम्स में एंबुलेंस की सुविधा भी होनी चाहिए ताकि कोई कॉल करे तो उस तक तत्काल मदद पहुंचाई जा सके। सरकार ने यह भी सलाह दी है कि इन कंट्रोल रूम्स की ओर से उन कोरोना पीड़ितों को लगातार कॉल की जाए, जो होम आइसोलेशन में रह रहे हैं।
कंट्रोल रूम से इन लोगों को फोन कर जानकारी ली जाए। किसी तरह की कमी है तो उसे दूर करने की भी कोशिश हो।