
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को रोजाना की तरह मामले की सुनवाई हो रही थी। दोपहर को बारह बजे के करीब अचानक एक युवा वकील खड़ा होकर कहने लगा कि उसने न्यायिक सुधार के लिए एक पीआईएल दाखिल की है, जिसको वो शीघ्र सुनवाई के लिए मेंशन करना चाहता है। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने एक युवा वकील को उसके व्यवहार को लेकर फटकार लगाते हुए नसीहत दी है। सीजेआई ने कहा, यह कोर्ट कोई प्लेटफॉर्म नहीं है कि जो भी ट्रेन आई, चढ़ गए। वकील ने ज्यूडिशियरी में रिफॉर्म से संबंधित याचिका को आउट ऑर्फ टर्न मेंशन करने की कोशिश की थी।
'ये कोई प्लेटफॉर्म नहीं कि जो भी ट्रेन आए उसी में चढ़ गए'
सीजेआई ने पूछा कि क्या कोई याचिका ऑन बोर्ड है? आप ऐसे कैसे दोपहर 12 बजे इसे मेंशन कर सकते हैं? वकील ने जवाब दिया, जैसा कि मैंने कहा, मैं ज्यूडिशियरी के खिलाफ नहीं हूं। इस पर सीजेआई ने कहा कि यह पॉइंट नहीं है। क्या आप सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं? खड़े हुए और मेंशन कर दिया। हम फाइन लगा देंगे, जो सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन को देना होगा। वकील ने बचाव करते हुए कहा, मैं दिल्ली हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करता हूं। सीजेआई ने पूछा, तो आप दिल्ली हाईकोर्ट में इसी तरह बस खड़े होकर याचिका मेंशन कर देते हैं? कृपया अपने सीनियर से चर्चा करें कि इसे कैसे किया जाता है।
पहले भी ली थी वकील की क्लास
सीजेआई चंद्रचूड़ ने इस महीने की शुरुआत में भी एक वकील को डराने-धमकाने की कोशिश को लेकर कड़ी फटकार लगाई थी। वकील तेज आवाज में अपनी बात रख रहे थे। सीजेआई ने उनसे दो टूक कहा कि पहले अपनी आवाज नीचे कीजिए, नहीं तो आपको कोर्ट से बाहर करवा दूंगा।