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फाइल में नाम आया, मचा बवाल… दलाई लामा कार्यालय का बड़ा बयान, एपस्टीन से कोई रिश्ता नहीं

कार्यालय ने बताया कि हाल के दिनों में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स में ‘एप्सटीन फाइल्स’ का हवाला देते हुए दलाई लामा को एप्सटीन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, जो पूरी तरह भ्रामक है।
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Feb 08, 2026
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दलाई लामा के कार्यालय ने जारी किया स्पष्टीकरण (Photo-IANS)

Dalai Lama Epstein Files: दलाई लामा के कार्यालय ने जेफ्री एप्सटीन से जुड़े दस्तावेजों (Epstein Files) में उनके नाम के उल्लेख को लेकर सामने आई रिपोर्टों पर कड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। दलाई लामा कार्यालय ने प्रेस बयान में साफ कहा कि हम स्पष्ट रूप से पुष्टि करते हैं कि परम पावन दलाई लामा की जेफ्री एप्सटीन से कभी मुलाकात नहीं हुई है और न ही उनकी ओर से किसी तरह की बैठक या बातचीत की अनुमति दी गई।

कार्यालय ने क्या कहा?

कार्यालय ने बताया कि हाल के दिनों में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स में ‘एप्सटीन फाइल्स’ का हवाला देते हुए दलाई लामा को एप्सटीन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, जो पूरी तरह भ्रामक है। कुछ मीडिया संस्थानों-खासतौर पर चीन सरकार से जुड़े माध्यमों ने दावा किया कि इन फाइलों में दलाई लामा का नाम “169 बार” आया है।

वहीं शोध व नीति समूह तिब्बत राइट्स कलेक्टिव ने अपनी वेबसाइट पर लिखा कि दलाई लामा से जुड़े किसी भी दस्तावेज़ में कोई अवैध गतिविधि, वित्तीय लेन-देन या व्यक्तिगत संबंध का प्रमाण नहीं है। अधिकतर संदर्भ सार्वजनिक कार्यक्रमों, अकादमिक पहलों या तीसरे पक्ष की चर्चाओं से जुड़े हैं, जिन्हें एप्सटीन या उसके मध्यस्थों ने प्रतिष्ठा या पहुँच पाने के उद्देश्य से लिखा था।

संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी के ईमेल में नाम आना उस व्यक्ति के कृत्यों में शामिल होने या समर्थन करने का प्रमाण नहीं होता। एप्सटीन फाइल्स में राजनीति, शिक्षा, परोपकार और नागरिक समाज से जुड़े सैकड़ों प्रमुख लोगों के नाम हैं, जिनमें से अधिकांश पर किसी भी तरह का अपराध साबित नहीं हुआ है।

दलाई लामा कार्यालय ने यह भी संकेत दिया कि यह विवाद ऐसे समय पर उठाया जा रहा है, जब वैश्विक स्तर पर दलाई लामा की गतिविधियों और सम्मानों को लेकर चर्चा बढ़ी है, जिस पर चीन की ओर से पहले भी तीखी प्रतिक्रियाएं आती रही हैं।

गलत आचरण का प्रमाण नहीं- मानवाधिकार संगठन

हालांकि, विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि किसी फाइल या ईमेल में नाम का उल्लेख अपने आप में किसी भी तरह के अपराध या गलत आचरण का प्रमाण नहीं होता। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा कोर्ट के आदेश पर जारी किए गए इन दस्तावेजों में हजारों ईमेल, संदेश और अन्य फाइलें शामिल हैं, जिनमें कई नाम केवल संदर्भ या तीसरे पक्ष की बातचीत के रूप में आए हैं।

Updated on:
08 Feb 2026 11:06 am
Published on:
08 Feb 2026 11:06 am
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