Rajnath Singh Arunachal Pradesh visit: अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारत-चीन के बीच हुए हिंसक झड़प के बाद आज पहली बार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अरुणाचल प्रदेश जाएंगे। रक्षा मंत्री अरुणाचल में कई योजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
Rajnath Singh Arunachal Pradesh visit: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज से दो दिन के नॉर्थ ईस्ट स्टेट के दौरे पर जा रहे हैं। रक्षा मंत्री असम और अरुणाचल प्रदेश पहुंचेंगे। जहां वो कई योजनाओं का उद्घाटन करेंगे। अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारत-चीन के बीच हुए हिंसक झड़प के बाद यह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अरुणाचल प्रदेश का पहला दौरा है। राजनाथ सिंह के दौरे को लेकर सभी आवश्यक तैयारी पूरी कर ली गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह असम और अरुणाचल प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर सोमवार को डिब्रूगढ़ के मोहनबाड़ी हवाईअड्डे पहुंचे। सिंह मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में जाएंगे, जहां वह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सियोम पुल का उद्घाटन करेंगे।
सीमा सड़क संगठन की 27 योजनाओं का करेंगे उद्घाटन
रक्षा मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बीआरओ विजन और न्यू टेक हैंडबुक के विमोचन के साथ-साथ सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की 27 अन्य परियोजनाओं का भी वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह स्थानीय लोगों से रूबरू होंगे।
बीआरओ ने अरुणाचल में 3097 किमी सड़क का किया है निर्माण
विशेष रूप से, बीआरओ ने पिछले पांच वर्षो में अरुणाचल प्रदेश में कुल 3,097 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया है, सरकार ने हाल ही में आयोजित शीतकालीन सत्र के दौरान संसद को सूचित किया। भारतीय और चीनी सुरक्षा बलों के बीच हाल ही में तवांग सेक्टर में हुई झड़प के बाद रक्षा मंत्री का अरुणाचल प्रदेश का यह पहला दौरा होगा।
9 दिसंबर को तवांग में भारत-चीनी सैनिक में हुआ था झड़प
बताते चले कि अरुणाचल प्रदेश के तवांग में 9 दिसंबर को भारतीय सेना और चीनी आर्मी के बीच हिंसक झड़प हुआ था। इस झड़प पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा और राज्यसभा में बयान दिया था। लोकसभा में राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं इस सदन को यह बताना चाहता हूं कि हमारे किसी भी सैनिक की मृत्यु नहीं हुई है और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है।
झड़प के बाद 11 दिसंबर भारत-चीन के बीच हुआ था फ्लैग मीटिंग
रक्षा मंत्री ने सदन में कहा था कि भारतीय सैन्य कमांडरों के समय पर हस्तक्षेप के कारण PLA सैनिक अपने स्थानों पर वापस चले गए। इस घटना के पश्चात क्षेत्र के स्थानीय कमांडर ने 11 दिसंबर 2022 को अपने चीनी समकक्ष के साथ स्थापित व्यवस्था के तहत एक फ्लैग मीटिंग की और इस घटना पर चर्चा की।
रक्षामंत्री ने तवांग झड़प पर की थी हाईलेवल मीटिंग
सदन में बयान देने से पहले रक्षामंत्री ने आर्मी चीफ, सुरक्षा सलाहकार और अन्य वरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा स्थिति पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को जानकारी दी।
यह भी पढ़ें - 'भारत की एक इंच जमीन पर नहीं हुआ कब्जा, चीन पर कांग्रेस का दोहरा रवैया', तवांग झड़प पर बोले अमित शाह