31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

CG News: छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में 7 मई को शुरू होने जा रहा बड़ा जनसेवा अभियान

ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव, रोजगार दिवस और आवास दिवस का त्रिवेणी संगम। छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के अवसर पर ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति...
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

Anupam Rajiv Rajvaidya

•

Updated: 7 May 2026, 2:19 AM IST

cg news

CG News : छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में 7 मई (May) को विकास और जनसेवा का एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। सुशासन तिहार (Sushasan Tihar) के तत्वावधान में प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में एकसाथ चावल महोत्सव, रोजगार दिवस और आवास दिवस का आयोजन किया जाएगा।

इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास (Rural Development) की योजनाओं को गति देना और धरातल पर मौजूद समस्याओं का तत्काल समाधान करना है।

इस अभियान के केंद्र में ग्रामीण हितग्राही हैं। आयोजन का मुख्य लक्ष्य मनरेगा (MANREGA) और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से संबंधित लंबित शिकायतों और तकनीकी समस्याओं का मौके पर ही निपटारा। पात्र हितग्राहियों को शासन की जनहितकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना।

रोजगार दिवस (Rojgar Diwas) 7 मई को मनरेगा कार्यों की सघन समीक्षा की जाएगी और आने वाले समय के लिए रोजगार के नए अवसरों के सृजन पर कार्ययोजना बनाई जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) के तहत लंबित मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी।

शासन का विशेष लक्ष्य स्वीकृत आवासों को आगामी 90 दिनों के भीतर पूर्ण कराना है। जल संरक्षण (Water Conservation) हेतु मोर गांव- मोर पानी- मोर तरिया अभियान के अंतर्गत नवा तरिया आय के जरिया थीम पर विशेष चर्चा और कार्य होंगे, जिससे मत्स्य पालन या अन्य माध्यमों से आजीविका बढ़ सके।

अब योजनाओं की जानकारी हासिल करना और भी आसान होगा। सरकार क्यूआर कोड (QR Code) आधारित सूचना प्रणाली को बढ़ावा दे रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों (Women Self Help Groups) और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। यह आयोजन केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।