Delhi Crime: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक व्यक्ति ने अपनी नवजात जुड़वां बच्चियों को इसलिए मार डाला क्योंकि उसे बेटा चाहिए था।
Delhi Crime: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक व्यक्ति ने अपनी नवजात जुड़वां बच्चियों को इसलिए मार डाला क्योंकि उसे बेटा चाहिए था। इस वारदात में आरोपी के माता-पिता और परिवार का एक अन्य सदस्य भी शामिल था। आरोपियों ने नवजात जुड़वां बच्चियों की कथित तौर पर हत्या करने के बाद उन्हें दफना दिया। आरोपी के साले ने वारदात के बारे में पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने एक्शन लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि एक महिला ने 30 मई को हरियाणा के रोहतक के सेक्टर-36 स्थित एक अस्पताल में जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया था। महिला के ससुराल वाले इस बात से खुश नहीं थे कि बहू ने बेटियों को जन्म दिया है। महिला का पति नीरज को भी बेटा चाहिए था। महिला के ससुराल में सभी को बेटा चाहिए था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहली जून को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद महिला ने रोहतक में मायके जाने का फैसला किया। इसके बाद नीरज और उसके परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे और बच्चियों को लेकर चले गये। पूजा को दूसरी कार में पीछे आने को कहा गया। नीरज ने इसी के चलते बीच में ही रास्ता बदल लिया और कहीं और चला गया।
पुलिस ने बताया कि जब महिला के भाई ने नीरज से संपर्क किया तो उसे कोई जवाब नहीं दिया। महिला के भाई को पता चला कि बहन के ससुराल वालों ने दोनों बच्चियों को जान से मारकर दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके में दफना दिया है। सुल्तानपुरी इलाके में ही नीरज और उसका परिवार रहता है। इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी मिली तो उसने इलाके के एक श्मशान घाट से बच्चियों के शवों को निकाला।
पुलिस ने बताया कि नीरज के पिता विजेंद्र सोलंकी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी 3 जून को हुई कथित हत्या के बाद से वह फरार था। उसे हरियाणा से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि आरोपी नियमित रूप से अपने स्थान बदलकर दिल्ली और हरियाणा में छिपकर गिरफ्तारी से बच रहा था।