
बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की ऐतिहासिक हार। (फोटो: ANI)
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर एन रवि ने ममता सरकार को बर्खास्त कर दिया है। राज्यपाल आर एन रवि ने विधानसभा भंग कर दी है। ममता बनर्जी ने चुनाव में हार के बाद इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद राज्यपाल ने यह फैसला लिया है। खास बात यह है कि इस्तीफे को लेकर जारी सियासी खींचतान के बीच यह फैसला सीधे संवैधानिक प्रक्रिया के तहत हुआ, जिससे बंगाल में 15 साल पुराना सत्ता का अध्याय अचानक खत्म हो गया।
ममता बनर्जी ने मंगलवार 6 मई 2026 को स्पष्ट रूप से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने चुनाव परिणाम को ‘जनादेश नहीं बल्कि साजिश’ बताते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भाजपा के पक्ष में काम किया। ममता ने कहा, मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। हमारी हार जनता के फैसले से नहीं हुई, बल्कि एक साजिश के तहत हुई है। लगभग 100 सीटों पर जनादेश को लूट लिया गया। मतगणना को जानबूझकर धीमा किया गया ताकि हमारी पार्टी का मनोबल गिरे।
ममता ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस की असली लड़ाई भाजपा के खिलाफ नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के खिलाफ थी। ममता बनर्जी अब सड़कों पर उतरकर संघर्ष करने और विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन को मजबूत करने का संकल्प ले चुकी हैं। उन्होंने कहा, सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत इंडिया गठबंधन के कई नेताओं ने एकजुटता जताई है। अब मैं कुर्सी से मुक्त हूं। मैं एक आजाद पंछी हूं और अत्याचारों के खिलाफ लड़ूंगी।
राज्यपाल के आदेश के मुताबिक, विधानसभा का पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा होने के बाद नई विधानसभा के गठन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मौजूदा विधानसभा 2021 से 2026 तक अस्तित्व में रही। पुरानी विधानसभा को भंग किए जाने के बाद मंत्रिमंडल बर्खास्त करना संवैधानिक रूप से जरूरी हो गया था। इस फैसले से ममता बनर्जी को औपचारिक इस्तीफा देने की जरूरत भी समाप्त हो गई।
भाजपा ने इस चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और राज्य में अपनी पहली सरकार बनाने जा रही है। नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई 2026 को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित होगा।
Updated on:
07 May 2026 08:08 pm
Published on:
07 May 2026 07:14 pm
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