दिल्ली एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने दिवाली से पहले बुधवार को राजधानी में पटाखों के भंडारण, बिक्री और फोड़ने पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की।
Diwali 2022: दिल्लीवाले इस दिवाली भी पटाखे नहीं जला सकेंगे। आतिशबाजी पर कोर्ट की ओर से लगी रोक के साथ-साथ दिल्ली सरकार ने भी पटाखे जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। दिल्ली एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने दिवाली से पहले बुधवार को राजधानी में पटाखों के भंडारण, बिक्री और फोड़ने पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। दिवाली पर शहर में पटाखे फोड़ने पर छह महीने तक की जेल होगी और 200 रुपये का जुर्माना लगेगा।
आज दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने एक प्रेस कॉफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, "इस बार भी पटाखों के भंडारण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।" उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केंद्र के साथ बैठक के दौरान भी उठाया गया था। यह जिक्र करते हुए कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सर्दियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए 15 सूत्रीय शीतकालीन कार्य योजना तैयार की थी, उन्होंने कहा कि दिवाली के आसपास प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है, क्योंकि दीयों के साथ पटाखों का उपयोग किया जाता है।
पर्यावरण मंत्री ने आगे कहा, "अगर दिल्ली में आदेश का उल्लंघन किया जाता है तो धारा 9बी के तहत कार्रवाई की जाएगी, 5000 रुपये जुर्माना और 3 साल की कैद होगी। अगर कोई पटाखे फोड़ता है तो उस पर आईपीसी 268 के तहत 200 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा और छह महीने की जेल होगी।" पिछले साल पटाखा फोड़ने के कथित मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष कुल 408 टीमों का गठन किया गया है।
मंत्री ने बताया कि पटाखे जलाने वालों पर नजर रखने के लिए दिल्ली पुलिस की 210 टीमें, वन विभाग की 165 और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति की 33 टीमें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उल्लंघन के 188 मामलों का पता चला है और 16 अक्टूबर तक 2,917 किलोग्राम पटाखे जब्त किए गए हैं। राय ने यह भी कहा कि 21 अक्टूबर को एक जन जागरूकता अभियान - 'दीये जलाओ पटाखे नहीं' शुरू किया जाएगा। दिल्ली सरकार शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 51,000 दीये जलाकर दिवाली मनाएगी।