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दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश: सोनी के खेल प्रसारण की अवैध लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक, कई वेबसाइटें तुरंत होंगी ब्लॉक

Sony Pictures Networks India copyright case: दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के खेल प्रसारणों की अवैध लाइव स्ट्रीमिंग करने वाली कई वेबसाइटों पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने DNR, ISP, DoT और MeitY को इन वेबसाइटों को तत्काल ब्लॉक करने का निर्देश दिया।
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Jul 03, 2026
High Court judge vacancy in India
दिल्ली हाई कोर्ट - ANI फाइल फोटो

Delhi High Court Sony Sports Streaming Piracy: दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Sony Pictures Networks India Pvt. Ltd.) के विशेष खेल प्रसारणों की अवैध लाइव स्ट्रीमिंग करने वाली कई वेबसाइटों के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी किया है। जस्टिस ज्योति सिंह ने एकपक्षीय अंतरिम आदेश पारित किया है। उन्होंने कहा कि इन वेबसाइटों को सोनी के खेल आयोजनों का प्रसारण, स्ट्रीमिंग, डाउनलोड या किसी भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने पर तत्काल रोक लगा दी है।

वेबसाइटों को तुरंत ब्लॉक करने के निर्देश

अदालत ने डोमेन नेम रजिस्ट्रार (DNR), इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISP), दूरसंचार विभाग (DoT) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को आदेश दिया है कि वे संबंधित वेबसाइटों को तत्काल ब्लॉक करें और उनके डोमेन नाम निलंबित करें।

इसके अलावा डोमेन रजिस्ट्रारों को चार सप्ताह के अंदर सीलबंद हलफनामा दाखिल करने को कहा है। इसमें वेबसाइट संचालकों की उपलब्ध जानकारी कोर्ट को सौंपने के निर्देश भी दिए हैं। 

कोर्ट ने माना सोनी का दावा प्रथम दृष्टया सही

हाईकोर्ट ने कहा कि सोनी ने अंतरिम राहत पाने के लिए प्रथम दृष्टया मजबूत मामला प्रस्तुत किया है। अदालत ने माना कि कॉपीराइट वाले खेल प्रसारणों की ऑनलाइन पायरेसी लगातार बढ़ती समस्या है और इस पर सख्ती से रोक लगाना आवश्यक है।

कोर्ट ने कहा कि यदि अवैध वेबसाइटों पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई तो सोनी के विशेष प्रसारण अधिकारों को अपूरणीय क्षति होगी। खासकर तब, जब भारत का इंग्लैंड दौरा (पुरुष) 2026 और भारत का इंग्लैंड दौरा (महिला) 2026 जारी हैं।

बिना अनुमति प्रसारण पर पूरी तरह रोक

अदालत ने सभी प्रतिवादियों और उनके सहयोगियों को निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि वे सोनी की अनुमति के बिना किसी भी खेल आयोजन का प्रसारण, लाइव स्ट्रीमिंग, स्क्रीनिंग, डाउनलोड या किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं कराएंगे।

नई पायरेट वेबसाइट मिलने पर भी होगी तत्काल कार्रवाई

ऑनलाइन पायरेसी की बदलती प्रकृति को देखते हुए कोर्ट ने सोनी को यह छूट भी दी है कि यदि खेल आयोजनों के दौरान कोई नई अवैध वेबसाइट सामने आती है तो उसकी जानकारी अदालत और संबंधित एजेंसियों को दे सके। ऐसी सूचना मिलते ही DNR, ISP, DoT और MeitY को उन वेबसाइटों को भी तत्काल ब्लॉक करना होगा। बाद में सोनी को उन नई वेबसाइटों को मुकदमे में पक्षकार बनाते हुए हलफनामा दाखिल करना होगा।

सोनी ने क्या कहा?

सोनी ने मामले को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें कहा कि कंपनी, जिसका पहले नाम कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड था, सोनी समूह का हिस्सा है और उसके पास कई अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के विशेष प्रसारण अधिकार हैं।

इनमें भारत और न्यूजीलैंड के इंग्लैंड दौरे, एशिया कप, द हंड्रेड, एशियन गेम्स 2026, भारत का श्रीलंका दौरा 2026 सहित कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिताएं शामिल हैं।

कंपनी का आरोप है कि संबंधित वेबसाइटें बिना अनुमति उसके कॉपीराइट वाले खेल प्रसारणों की लाइव स्ट्रीमिंग कर रही हैं, जिससे उसके प्रसारण अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और भारी आर्थिक नुकसान पहुंच रहा है। सोनी ने यह भी कहा कि इन वेबसाइटों के संचालक अपनी पहचान छिपाने के लिए डोमेन प्राइवेसी सेवाओं का उपयोग करते हैं और संगठित तरीके से कॉपीराइट सामग्री का अवैध प्रसारण करते हैं।

4 अगस्त होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने मामले में सभी प्रतिवादियों को समन जारी कर दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी। इसके अलावा अंतरिम राहत संबंधी आवेदन पर 9 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी। 

Updated on:
03 Jul 2026 12:14 pm
Published on:
03 Jul 2026 12:14 pm