दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क के खिलाफ क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। हाई-टेक हथियार भी बरामद किए।
दिल्ली में अवैध हथियारों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को एक और बड़ी सफलता मिली है। बुधवार को पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े एक और सक्रिय सदस्य हरशपाल सिंह उर्फ रबल को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक एडवांस तकनीक वाला हथियार भी बरामद हुआ है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह गिरफ्तारी एक बड़े और संगठित अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क की जांच के दौरान हुई है। इस नेटवर्क के तार आतंकवादी गतिविधियों से भी जुड़े होने का शक है। हरशपाल सिंह पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 और आर्म्स एक्ट के तहत कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
इससे पहले 7 अप्रैल को क्राइम ब्रांच ने दो कथित हथियार सप्लायर इमरान (37) और कामरान (27) को गिरफ्तार किया था। दोनों को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से पकड़ा गया था, जहां उनके खिलाफ UAPA के तहत लुकआउट सर्कुलर जारी था। उनके पास से 2 हथियार और 11 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे।
क्राइम ब्रांच ने 25 मार्च को इस पूरे नेटवर्क का बड़ा खुलासा करते हुए 10 प्रमुख ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के दौरान 21 अत्याधुनिक हथियार, 200 जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। इस ऑपरेशन का नेतृत्व डीसीपी संजीव यादव ने किया।
जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश तक फैला हुआ है। मुख्य सप्लाई रूट पाकिस्तान-भारत-नेपाल बॉर्डर-दिल्ली है। दिल्ली को इस नेटवर्क का स्टोरेज और वितरण हब बनाया गया था। यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और आसपास के राज्यों के कुख्यात गैंग्स को हाई-टेक हथियार सप्लाई करता था।
पुलिस ने जिन हथियारों को जब्त किया, उनमें दुनिया की कई मशहूर कंपनियों के हथियार शामिल हैं:
इस बीच, 11 फरवरी को दिल्ली हाई कोर्ट ने MCOCA के तहत गिरफ्तार एक आरोपी को जमानत दी थी। अदालत ने कहा कि आरोपी को समय पर मजिस्ट्रेट के सामने पेश न करना उसके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।