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परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों में कितनी सीटें बढ़ेंगी? यहां समझे पूरा गणित

South Indian States Seats: परिसीमन को लेकर दक्षिणी राज्यों का पहले से ही विरोध रहा है। गुरुवार को तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन ने विधेयक की कॉपी जला दी, वहीं राज्यभर में इसके खिलाफ आंदोलन भी शुरू किया है।

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भारत

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Ashib Khan

Apr 17, 2026

परिसीमन के बाद लोक सभा का बदल जाएगा समीकरण (Photo-IANS)

Delimitation Seat Count: केंद्र सरकार ने विशेष संसदीय सत्र में तीन विधेयक पेश किए। इनके तहत लोक सभा की कुल सीटें 543 से बढ़ाकर लगभग 850 ( राज्यों को 815 और UT को 35) करने का प्रस्ताव है। साथ ही, 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने के लिए 2029 चुनावों से पहले परिसीमन किया जाएगा। इसको लेकर संसद में जमकर हंगामा हुआ।

परिसीमन को लेकर दक्षिणी राज्यों का पहले से ही विरोध रहा है। गुरुवार को तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन ने विधेयक की कॉपी जला दी, वहीं राज्यभर में इसके खिलाफ आंदोलन भी शुरू किया है। 

दक्षिणी राज्यों को आशंका है कि यदि परिसीमन हुआ तो लोक सभा में हमारा प्रतिनिधित्व घट जाएगा। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया कि सभी राज्यों की सीटों में करीब 50% तक बढ़ोतरी की जाएगी

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ तौर पर कहा कि राज्यों की सीटों की संख्या में वर्तमान अनुपात ही कायम रहेगा,अमित भाई अपने जवाब में इसको और स्पष्ट करेंगे। हालांकि पहले गृहमंत्री शाह इसे शुक्रवार को बहस का जवाब देते समय स्पष्ट करने वाले थे लेकिन गुरुवार को ही प्रियंका गांधी के भाषण के बाद उन्होंने बिंदुवार हर बात का जवाब दिया।

आइए समझते है क्या परिसीमन होने के बाद लोकसभा में दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व कम होगा या नहीं…

क्या दक्षिण की सदन में ताकत कम होगी?

जवाब- दक्षिण के राज्यों की सदन में ताकत नहीं बदलेगी। 543 के सदन में अभी दक्षिण के राज्यों के 129 सांसद है जिनका हिस्सा 23.76% है, 850 की संख्या में यह 195 (23.97%) हो जाएगा।

दक्षिण के राज्यों की लोकसभा में सीटें कैसे बढ़ेगी?

राज्य मौजूदा सीटअब की स्थिति (543 का प्रतिशत)50 प्रतिशत की बढ़ोतरीनई स्थिति (816 का प्रतिशत)
कर्नाटक285.15%425.14%
आंध्र प्रदेश254.60%384.65%
तेलंगना173.13%263.18%
तमिलनाडु397.18%597.23%
केरल203.68%303.67%
कुल12923.7619523.87

परिसीमन बिल में कहां लिखा है?

जवाब- पिछले परिसीमन विधेयक में जैसी भाषा है वैसी ही भाषा इस बार है। इसमें कोई मैनिपुलेशन नहीं होगा।

850 की संख्या कहां से आई ?

जवाब- मौजूदा संख्या में 50% सीटें बढ़ाने के बाद जो संख्या आएगी उसमें महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बाद भी 543 ओपन सीटें बचती हैं, जिसमें सभी चुनाव लड़ सकते हैं। 850 का आंकड़ा अधिकतम है, वास्तविक संख्या 816 होगी।

जातीय जनगणना नहीं करवाना चाहते, जनगणना में जाति का कॉलम नहीं है?

जवाब- जनगणना का काम शुरू हो गया है और जातीय गणना की घोषणा हो चुकी है। अभी घरों की गणना हो रही है। जब व्यक्तियों की गणना होगी उसमें जाति का कॉलम होगा।

उत्तर प्रदेश और अन्य विधानसभाओं के चुनाव में ही नई व्यवस्था लागू होगी?

जवाब- 2029 से पहले के सभी चुनाव पुरानी व्यवस्था से होंगे।

सत्ता बनाए रखने की लालसा में यह बिल लाया गया है?

जवाब- लोकतंत्र में सत्ता नागरिक के वोट से ही तय होती है। 130 करोड़ के जनमत को किसी भी प्रकार से मैनिपुलेट नहीं किया जा सकता है। आपातकाल के बाद के चुनाव में और अन्य चुनावों में भी यह नहीं हुआ। इसलिए ऐसा संभव नहीं है। जिन्होंने प्रयास किए लोकतंत्र ने उनको खत्म कर दिया।

यदि संविधान संशोधन बिल पारित हुआ तो देश में नारी शक्ति बुलंदी पर होगी। 273 सांसद और 2063 महिलाएं विधायक बनेंगी।

प्रमुख राज्यों में मौजूदा व प्रस्तावित सीटें

राज्य लोकसभा सीटें (महिला सांसद)प्रस्तावित (महिला सुरक्षित)विधानसभा सीटें (महिला विधायक)प्रस्तावित (महिला सुरक्षित)
उत्तर प्रदेश80 (7)120 (40)403 (47)605 (202)
राजस्थान25 (3)38 (13)200 (21)300 (100)
मध्य प्रदेश29 (6)44 (15)230 (27)345 (115)
छत्तीसगढ़11 (3)17 (6) 90 (19)135 (45)
कर्नाटक28 (3)42 (14)224 (10)336 (112)
पश्चिम बंगाल42 (11)63 (21)294 (40) 441 (147)
पूरा देश543 (74)816 (273)4125 (390)6188 (2063)