द्वारका एएटीएस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सद्दाम गोरी गैंग के एक सक्रिय सदस्य और उसके हथियार सप्लायर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद कर गैंगवार व रंगदारी की साजिश नाकाम की गई।
दिल्ली पुलिस के द्वारका जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (AATS) ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए राजधानी में गैंगवार और रंगदारी की साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने सद्दाम गोरी गैंग के एक सक्रिय सदस्य और उसे अवैध हथियार सप्लाई करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो देसी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी रवि उर्फ बुद्धी उर्फ जलेबी इलाके का घोषित बदमाश है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट समेत 14 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। डीसीपी द्वारका ने बताया कि जिले में सक्रिय गैंगों और रंगदारी में लिप्त अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए एएटीएस को विशेष निर्देश दिए गए थे, जिसके तहत यह कार्रवाई की गई।
पूछताछ में रवि ने खुलासा किया कि वह जेल में रहने के दौरान सद्दाम गोरी गैंग के संपर्क में आया था। जेल से बाहर आने के बाद वह इलाके के नशा तस्करों और अवैध शराब कारोबारियों से रंगदारी वसूलने की योजना बना रहा था। इसी मंसूबे को पूरा करने के लिए उसने अवैध हथियार जुटाए थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि रवि सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के अन्य अपराधियों तक भी अवैध हथियार पहुंचाने का काम करता था। इससे पहले कि वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे पाता, पुलिस ने उसे धर दबोचा।
एएटीएस की टीम ने 11 जनवरी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाया और सबसे पहले ओम विहार, उत्तम नगर निवासी रवि को गिरफ्तार किया। उसकी तलाशी लेने पर एक देसी कट्टा बरामद हुआ। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने हथियार सप्लायर निशांत का नाम उजागर किया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तम नगर के हस्तसाल रोड से निशांत को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक और देसी पिस्टल बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, निशांत लंबे समय से अपराधियों को हथियार सप्लाई करने में शामिल था।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल पहले किन-किन आपराधिक वारदातों में किया गया था। साथ ही गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।