
Delhi Air Pollution: दिल्ली में सुबह अब ताजगी लेकर नहीं आती, बल्कि भारी प्रदूषण की चादर में लिपटी दिखती है। शुक्रवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 तक पहुंच गया है। ये आंकड़ा लोगों की सांसें मुश्किल करता जा रहा है। कई इलाकों की हवा सीधे गंभीर कैटेगरी में चली गई है। आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ, बेचैनी ये सब अब लोगों की रोजमर्रा की परेशानी बन गए हैं। प्रशासन प्रदूषण कम करने की कोशिशें तो कर रहा है, मगर यही सवाल सबके मन में है असल में राहत मिलेगी कब?
आईआईटी दिल्ली और रोहिणी में AQI 474 दर्ज किया गया। पंजाबी बाग में यह 465, आरके पुरम में 443, आईटीओ में 422, फिरोज शाह रोड में 420 और इंडिया गेट के आसपास 403 रहा। आनंद विहार तथा अक्षरधाम में सूचकांक 359 दर्ज हुआ। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 पर 385, आया नगर में 393 और चांदनी चौक में 391 रहा।
बढ़ते प्रदूषण के बीच नगर निकायों ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण के तहत कार्रवाई तेज की है। इंडिया गेट के आसपास ट्रक-माउंटेड स्प्रिंकलर से पानी छिड़का गया, ताकि धूल और प्रदूषक कणों को नियंत्रित किया जा सके। GRAP-II के तहत सड़कों की सफाई, धूल नियंत्रण और प्रदूषण वाले स्थानों पर निगरानी जैसे कदमों पर जोर दिया जाता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दिल्ली में शुक्रवार सुबह न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस रहा और आसमान मुख्य रूप से साफ था। हालांकि, अगले चार दिनों तक हल्की धुंध छाए रहने का अनुमान है। 10 और 11 नवंबर की सुबह भी धुंध या हल्का कोहरा देखने को मिल सकता है। हवा की गति और मौसम की परिस्थितियां प्रदूषकों के फैलाव को प्रभावित कर सकती हैं।
स्थानीय निवासी सर्वेश ने बताया कि सुबह के समय भी सांस लेने में कठिनाई हो रही है। आंखों में जलन और घुटन महसूस होने से लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि कम यातायात के बावजूद वातावरण में धुंध इतनी ज्यादा है कि सांस लेना मुश्किल हो रहा है।
71 वर्षीय निवासी नेमिचंद शर्मा ने प्रदूषण के लिए अनियंत्रित शहरी विकास और प्रशासनिक उदासीनता को जिम्मेदार बताया। उनके मुताबिक, प्रदूषण रोकने के लिए जमीन पर ठोस काम दिखाई नहीं देता और समस्या लगातार बढ़ रही है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर पराली जलाने के मुद्दे पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। शास्त्री पार्क स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 77 प्रतिशत पराली जल चुकी है। सिरसा ने कहा कि धान की कटाई शुरू नहीं होने संबंधी दावे आंकड़ों से मेल नहीं खाते और पंजाब में पराली जलने का असर दिल्ली की हवा पर पड़ रहा है।