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Delimitation Row: जनसंख्या नियंत्रण की सजा नहीं मिलनी चाहिए, स्टालिन बोले- हम एकजुट हो विरोध करेंगे तो जीत मिलेगी

Delimitation Row: तमिलनाडु के सीएम ने संयुक्त कार्रवाई समिति की बैठक का नेतृत्व करते हुए सभी विपक्षी दलों से परिसीमन अभ्यास के विरोध में एकजुट होने का आह्वान किया।

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Mar 22, 2025
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन

Delimitation Row: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शनिवार को चेन्नई में हुई जॉइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) की बैठक का नेतुत्व किया। इस बैठक में केरल, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के नेता शामिल हुए। सीएम स्टालिन ने सभी विपक्षी दलों से परिसीमन अभ्यास के विरोध में एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि परिसीमन से दक्षिणी राज्यों की राजनीतिक ताकत कमजोर होगी। सीएम ने कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन पर अगली बैठक हैदराबाद में होगी।

'जनसंख्या नियंत्रण की सजा नहीं मिलनी चाहिए'

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि 2026 के बाद होने वाला परिसीमन दक्षिण भारतीय राज्यों को राजनतिक रूप से कमजोर कर सकता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष परिसीमन के खिलाफ नहीं है। वे एक अनुचित फॉमूले के विरोध करते है, जो उन राज्यों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला है जिन्होंने जनसंख्या वृद्धि को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया है। सीएम ने कहा कि उनको जनसंख्या नियंत्रण की सजा नहीं मिलना चाहिए।

अमित शाह के आश्वासन पर जताश संदेश

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसको लेकर आश्वासन दिया है। लेकिन संदेह जताया कि आने वाले परिसीमन की वजह से दक्षिण भारतीय राज्य संसदीय सीटें नहीं खोएंगे। सीएम स्टालिन ने इस टिप्पणी को अस्पष्ट बताया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि राज्यों को मणिपुर जैसा हश्र होने से बचाने के लिए प्रतिनिधित्व की लड़ाइ बहुत जरूरी है।

केरल सीएम ने केंद्र सरकार पर बोला तीखा हमला

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शनिवार को अपने भाषण में परिसीमन के मुद्दे पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बिना किसी परामर्श के अचानक की गई यह प्रक्रिया किसी संवैधानिक सिद्धांत से प्रेरित नहीं है, बल्कि संकीर्ण राजनीतिक हितों से प्रेरित है।

बैठक के दौरान सीएम विजयन ने कहा, लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों का प्रस्तावित परिसीमन हमारे सिर पर मंडरा रहा है। विभिन्न रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार बिना किसी परामर्श के परिसीमन प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। यह अचानक उठाया गया कदम किसी संवैधानिक सिद्धांत या किसी लोकतांत्रिक अनिवार्यता से प्रेरित नहीं है।

Updated on:
22 Mar 2025 06:14 pm
Published on:
22 Mar 2025 02:55 pm
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