Farmers' Protest: किसान आंदोलन के आगे एकबार फिर सरकार को झुकना पड़ा है। सरकार ने कहा कि वह कर्जमाफी के लिए एक कमेटी का गठन करेगी। इस कमेटी को 6 महीने के भीतर अल्पकालिक और दीर्घकालिक समाधान सुझाने का काम सौंपा गया है।
Farmers' Protest: महाराष्ट्र सरकार से बातचीत के बाद किसान नेता बच्चू कडू के नेतृत्व में किसानों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने किसानों की कर्ज समस्या के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन करने की घोषणा की है। इस कमेटी की अध्यक्षता मुख्यमंत्री के प्रधान आर्थिक सलाहकार और मित्रा (MITRA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीण परदेशी करेंगे। समिति को छह महीने के भीतर अल्पकालिक और दीर्घकालिक समाधान सुझाने का काम सौंपा गया है।
इस मीटिंग के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि किसानों की कर्जमाफी पर फैसला अगले साल 30 जून तक ले लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि MITRA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीण परदेशी के नेतृत्व में गठित समिति का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में स्थिरता लाने के लिए आवश्यक क्रांतिकारी बदलावों का अध्ययन करना है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं के कारण उत्पन्न होने वाले बकाया ऋणों के चक्र से किसानों को हमेशा के लिए मुक्त किया जा सके।
फडणवीस सरकार का यह कदम इस बात का संकेत भी है कि पिछली कर्जमाफी योजनाएं जैसे छत्रपति शिवाजी महाराज शेतकरी सन्मान योजना (2017) और महात्मा ज्योतिराव फुले शेतकरी कर्जमुक्ति योजना किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने में विफल साबित हुई है।
बच्चू कडू के नेतृत्व में बीते दिनों किसानों ने नागपुर-हैदराबाद हाइवे को जाम कर दिया था। कडू ने महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो वे ट्रेन रोकने और भारत बंद करने का काम करेंगे। बच्चू कडू ने कहा कि इस बार वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे, जब तक कि सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं कर लेती। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगा। उसके राजनीतिक और सामाजिक असर दूरगामी साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा, 'अब मीटिंग से नहीं, सड़कों से न्याय लूंगा।'
महाराष्ट्र के किसानों ने संपूर्ण कर्जमाफी, भारी बारिश से फसल को हुए नुकसान का मुआवजा, राज्य के दिव्यांग नागरिकों को ₹6,000 प्रतिमाह और फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिए जाने की मांग की है।