Dharmendra Pradhan NEET Meeting: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाई-लेवल बैठक बुलाई है। बैठक में दोबारा परीक्षा कराने, परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और जांच की प्रगति पर चर्चा हुई, जबकि CBI ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
NEET UG Paper Leak 2026, Dharmendra Pradhan High Level Meeting on NEET Re-Exam: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को अपने आवास पर एक हाई-लेवल बैठक बुलाई, जिसमें नीट परीक्षा को दोबारा आयोजित करने समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में शिक्षा मंत्रालय और परीक्षा से जुड़ी प्रमुख एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में नीट-यूजी परीक्षा की दोबारा परीक्षा कराने की संभावनाओं, परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल करने और पेपर लीक मामले की जांच की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उच्च शिक्षा सचिव, स्कूल शिक्षा सचिव, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के अध्यक्ष, केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति के आयुक्त समेत कई वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।
सरकार की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
नीट पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान लगातार विपक्ष के निशाने पर हैं। कई विपक्षी दलों ने उनके इस्तीफे की मांग की है और परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित लापरवाही को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं।
विपक्ष का आरोप है कि पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और इससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
इस बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धनंजय लोखंडा और मनीषा वाघमारे के रूप में हुई है। दोनों को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर और पुणे से हिरासत में लिया गया।
जांच एजेंसी ने पिछले 24 घंटे में देशभर के 14 ठिकानों पर छापेमारी भी की है। सीबीआई ने यह मामला 12 मई को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर दर्ज किया था।
इससे पहले सीबीआई ने राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र से पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें जयपुर से तीन और गुरुग्राम व नासिक से एक-एक आरोपी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यश यादव, मांगीलाल खटीक उर्फ मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैनवार और दिनेश बिवाल के रूप में हुई थी।
सभी आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां विशेष सीबीआई जज अजय गुप्ता ने उन्हें सात दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया।
पेपर लीक विवाद के बाद अब नीट-यूजी परीक्षा दोबारा आयोजित होने की संभावना को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा तेज हो गई है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक री-एग्जाम को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की आर्थिक, तकनीकी और सोशल मीडिया कनेक्शन की जांच में जुटी हुई हैं।