
NEET Paper Leak 2026 (AI Image)
NEET Paper Leak 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में जांच लगातार तेज हो रही है। राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र, बिहार, दिल्ली और झारखंड तक फैले इस नेटवर्क पर अब सीबीआई का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। जयपुर स्थित एसओजी मुख्यालय में बुधवार को करीब 20 घंटे तक चली लंबी पूछताछ के बाद सीबीआई ने मास्टरमाइंड दिनेश बिंवाल समेत 9 आरोपियों को अपने कब्जे में ले लिया है। इनमें सात छात्र भी शामिल हैं। जांच एजेंसियों को पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले सुराग मिले हैं, जिनसे इस संगठित गिरोह के देशभर में फैले नेटवर्क का खुलासा हो रहा है।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने छात्रों को किसी गेस पेपर के नाम पर भ्रमित नहीं किया था, बल्कि सीधे नीट-यूजी का असली प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा किया गया। इसके बदले प्रत्येक छात्र से 5 लाख से 10 लाख रुपए तक वसूले गए।
दिल्ली से जयपुर पहुंची 19 सदस्यीय सीबीआई टीम लगातार एसओजी अधिकारियों के साथ मिलकर नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। पूछताछ के बाद शाम करीब सवा छह बजे आरोपियों को जयपुर के घाटगेट स्थित एसओजी मुख्यालय से बाहर लाया गया और अदालत में पेश किया गया।
सीबीआई ने इस मामले में कथित मास्टरमाइंड दिनेश बिंवाल, उसके भाई मांगीलाल और मांगीलाल के बेटे विकास को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप चैट, टेलीग्राम ग्रुप, बैंक ट्रांजेक्शन और संपर्क सूत्रों की गहन जांच कर रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक कई छात्रों और उनके अभिभावकों से भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा कोचिंग नेटवर्क और बिचौलियों की भूमिका की भी जांच हो रही है। एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, मास्टरमाइंड दिनेश लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में था। जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि दिनेश के परिवार के पांच बच्चों का वर्ष 2025 में सरकारी मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में चयन हुआ था।
बताया जा रहा है कि खुद दिनेश ने नवंबर 2025 में सोशल मीडिया पर इसे परिवार के लिए गर्व का विषय बताते हुए पोस्ट भी किया था। अब एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि कहीं इन अभ्यर्थियों को भी पिछले साल की परीक्षा में अवैध तरीके से फायदा तो नहीं पहुंचाया गया।
पेपर लीक नेटवर्क के तार महाराष्ट्र और बिहार से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। महाराष्ट्र के नासिक से गिरफ्तार शुभम खैरनार से मिली जानकारी के आधार पर सीबीआई ने अहिल्यानगर जिले से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। वहीं पुणे में मनीषा वाघमारे नाम की महिला को पूछताछ के बाद सीबीआई को सौंपा गया है। उधर मुंबई की अदालत ने शुभम खैरनार को दो दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है।
बिहार में भी जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। नालंदा पुलिस ने अवधेश कुमार की निशानदेही पर कई जगहों पर छापेमारी की है। पूछताछ में अवधेश ने कथित तौर पर बताया कि उसका दोस्त उज्ज्वल उर्फ राजा बाबू नीट परीक्षा में स्कॉलर बैठाने और पेपर सेट कराने का काम करता था। इसी खुलासे के बाद पूरे नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुईं।
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए को बैन करने की मांग उठाई है।
भारतीय युवा कांग्रेस और एनएसयूआइ ने भी मामले में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि पेपर लीक देश के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक का पूरा नेक्सस भाजपा से जुड़े लोग चला रहे हैं। वहीं एनएसयूआइ अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने दावा किया कि सीकर, कोटा और जयपुर जैसे कोचिंग हब में कई संस्थान भाजपा नेताओं से जुड़े हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जमवारामगढ़ के जिन दो भाइयों के नाम सामने आए हैं, उनका संबंध भाजपा युवा मोर्चा से रहा है।
विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पूरी तरह प्रभावित हुई है और लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। वहीं जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के आर्थिक और तकनीकी पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रही हैं।
Updated on:
14 May 2026 02:39 am
Published on:
14 May 2026 02:33 am
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