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Punjab Congress row: पंजाब में अपनों ने ही काटा मनीष तिवारी का पत्ता? कांग्रेस की ‘अंदरूनी जंग’ पर BJP का करारा वार

पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान और मनीष तिवारी को किनारे किए जाने पर विपक्षी खेमे ने तीखा तंज कसा है। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पार्टी के भीतर की यह सिरफुटौवल कोई नई बात नहीं है। अंदरूनी कलह और गुटबाजी कांग्रेस के डीएनए में रच-बस चुकी है।
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Punjab Congress row:
Punjab Congress row: पंजाब कांग्रेस में नियुक्तियों पर विवाद, मनीष तिवारी को लेकर भाजपा का राहुल गांधी पर निशाना (फोटो सोर्स: @ians_india)

Rahul Gandhi leadership failure: पंजाब कांग्रेस में जारी शह और मात का खेल अब खुलकर सड़क पर आ गया है। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब यूनिट में नए कार्यकारी अध्यक्षों और चुनाव समितियों के प्रमुखों की घोषणा तो कर दी, लेकिन इस पूरी कवायद में पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक और सांसद मनीष तिवारी को पूरी तरह से किनार कर दिया गया है। कांग्रेस के इस फैसले से जहां पार्टी के अंदरखाने खलबली मची है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए तीखा हमला बोला है।

दिल्ली से भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कांग्रेस की इस अंदरूनी गुटबाजी पर चुटकी लेते हुए कहा, "इसमें कुछ भी नया नहीं है। कांग्रेस में सिरफुटौवल और आंतरिक कलह का इतिहास पुराना है। यह पार्टी कभी एकजुट होकर काम ही नहीं कर सकती।"

दरअसल,  कांग्रेस ने बुधवार को एक लैटर जारी किया था। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष, कैपेन कमेटी के अध्यक्ष, कोर कमेटी का चेयरपर्सन, लेक्शन मैनेजमेंट और कोऑर्डिनेशन कमेटी का चेयरपर्स और मेनिफेस्टो कमेटी के अध्यक्ष का ऐलान किया गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद मनीष तिवारी चुनाव को लेकर बनी कमेटी में जगह नहीं मिलने से नाराज नजर आए। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर अपनी नाराजगी भी जाहिर कर दी है। तिवारी के ट्वीट के बाद संस्पेंस बढ़ गया है।

मनीष तिवारी ने क्या लिखा?

मनीष तिवारी ने X पर लिखा, क्या किसी व्यक्ति के लिए प्रतिभा या क्षमता होना उससे बड़ी कोई कमी हो सकती है? काश, व्यक्तियों और संस्थाओं की असुरक्षाओं का भी कोई इलाज होता! उन्होंने आगे लिखा, इसके बावजूद कांग्रेस ने पिछले 45 सालों में मुझे बहुत कुछ दिया है। मैंने भी अपने पूरे जीवन को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सेवा में समर्पित किया है। Que sera, sera… जो होना होगा, वही होगा। तिवारी की इस पोस्ट को पार्टी के भीतर उनकी नाराजगी और संगठन में मिली उपेक्षा के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

कैंपेन कमेटी की कमान पूर्व सीएम चन्नी के हाथ में

कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं सौंपी, लेकिन उन्हें कैंपेन कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी में इस पद को बेहद अहम माना जाता है और इसे मुख्यमंत्री पद की संभावित दावेदारी से भी जोड़कर देखा जाता है। 

Updated on:
03 Jul 2026 01:09 pm
Published on:
03 Jul 2026 12:57 pm