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अयोध्या राम मंदिर दान विवाद: पुलिस स्टेशन नहीं, सीधे कोर्ट जाएंगे दिग्विजय सिंह, चंदा वापसी के लिए करेंगे केस

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने 2 अक्टूबर से उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है। उन्होंने VHP और RSS से जुड़े संगठनों पर दान राशि के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया है।
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Jul 03, 2026
Digvijaya Singh
दिग्विजय सिंह (Photo Source- Patrika)

Digvijaya Singh Padyatra: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्व हिंदू परिषद (VHP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े संगठनों ने दान राशि का दुरुपयोग किया है। दिग्विजय सिंह ने उज्जैन के महाकाल मंदिर के पास की जमीन से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह पदयात्रा 2 अक्टूबर से शुरू होगी। उनके मुताबिक, यह पूरी तरह गैर-राजनीतिक यात्रा होगी और इसमें किसी भी राजनीतिक दल का झंडा नहीं ले जाया जाएगा।

दान को लेकर अयोध्या में करेंगे मुकदमा : दिग्विजय सिंह

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैंने अयोध्या में मुकदमा करने का फैसला किया है। मेरा कहना है कि मैंने जो दान दिया था, उसका गलत इस्तेमाल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरे द्वारा दिए गए दान को हड़प लिया गया। इसलिए वह पैसा मुझे वापस मिलना चाहिए। ताकि मैं उसे रामलय ट्रस्ट में जमा कर सकूं।

'बीजेपी के कंट्रोल में है पुलिस'

दिग्विजय सिंह ने कहा कि मुझे पुलिस स्टेशन पर भरोसा नहीं है। पुलिस बीजेपी के कंट्रोल में है, इसलिए मैं वहाँ नहीं जाऊंगा, मैं कोर्ट जाऊंगा। राम मंदिर के लिए फंड इकट्ठा करने के दो अभियान चले थे। मैंने शुरुआती दौर में भी योगदान दिया था, जब आडवाणी जी की रथ यात्रा हुई थी। हमारी राम मंदिर और भगवान राम में आस्था है। हालांकि, फंड इकट्ठा करने के पहले दौर का कोई हिसाब-किताब कभी नहीं दिया गया।

दान के पैसे का गलत इस्तेमाल

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद फिर से फंड इकट्ठा करने का काम शुरू हुआ। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने एक अभियान शुरू किया, लेकिन मैंने उन्हें कोई योगदान नहीं दिया। मुझे उन पर भरोसा नहीं है क्योंकि दान के पैसे का गलत इस्तेमाल करना उनके लिए कोई नई बात नहीं है, यह उनकी पुरानी आदत है। इसके बजाय, मैंने सीधे दान करने का फैसला किया।

'नरेंद्र मोदी को भी लिखा था पत्र'

कांग्रेस नेता कहा कि शिवराज सिंह चौहान उस समय मुख्यमंत्री थे, उन्होंने 1 लाख रुपए दान किए थे, इसलिए मुझे लगा कि मुझे उससे ज्यादा रकम ​देनी चाहिए। मैंने 1,11,000 रुपये दान किए और नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि वे यह पक्का करें कि दान की रकम ट्रस्ट में जमा हो जाए। हमने खुद इसे जमा किया और रसीद भी ली। हमने भगवान राम में आस्था और एक भव्य मंदिर की इच्छा के कारण दान दिया था।

Updated on:
03 Jul 2026 06:55 pm
Published on:
03 Jul 2026 06:25 pm
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