
बाल यौन शोषण सामग्री से जुड़े विज्ञापनों के मामले में केंद्र सरकार ने कड़ा रुख। फोटो में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव। (सोर्स: ANI)
Meta Instagram Ads: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण सामग्री से जुड़े विज्ञापनों के मामले में केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को इस मामले में मेटा को तलब करने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय इस मुद्दे पर मेटा से स्पष्टीकरण मांगेगा कि भारत में उसके प्लेटफॉर्म पर ऐसे विज्ञापनों को कैसे बढ़ावा मिला है?
केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि बच्चों से जुड़ी किसी भी तरह की आपत्तिजनक सामग्री बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दरअसल, ये पूरा मामला बीबीसी की एक रिपोर्ट के बाद सामने आया है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि इंस्टाग्राम पर ऐसे पेड विज्ञापन चल रहे थे। जिनमें आपत्तिजनक और गलत शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। जैसे कि इंस्टाग्राम और फेसबुक पर 'ज्यादती का वीडियो' और 'चाइल्ड एब्यूज वीडियो' का धड़ल्ले से दिखाना। यही नहीं रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन विज्ञापनों पर क्लिक करने के बाद यूजर्स को टेलीग्राम चैनलों पर भेजा जाता था। वहां कथित तौर पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट बेचा जा रहा था।
बता दें इस पूरे मामले की शिकायत सबसे पहले बीबीसी ने इंस्टाग्राम से की थी। इसके बाद इंस्टाग्राम का जवाब आया।इंस्टाग्राम ने बताया कि बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री को संबंधित अकाउंट्स को सस्पेंड कर दिया गया है। कई विज्ञापन हटा दिए गए हैं। उचित कार्रवाई की जा रही है। साथ ही मेटा ने ये भी माना कि कोई भी मॉडरेशन सिस्टम पूरी तरह सही नहीं होता। कोई गलती न कोई गलती होती रहती है। फिर उसकी सुधार की जाती है।
दरअसल, मेटा मतलब कि इंस्टाग्राम हो या फेसबुक की कमाई का सबसे बड़ा जरिया विज्ञापन है। साल 2025 में कंपनी की 98% आय विज्ञापनों से आई। इंस्टाग्राम की कमाई का भी बड़ा हिस्सा विज्ञापनों से होता है। मेटा का दावा है कि हर विज्ञापन पहले जांचा जाता है। इसके लिए एआई और ऑटोमेटेड सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। हाई प्रोफाइल मामलों में उनकी टीम खुद मैनुअली समीक्षा करती है। कंपनी का कहना है कि बच्चों के शोषण जैसी सामग्री रोकना उसकी प्राथमिकता है। 2025 में उसने 40 लाख से ज्यादा संदिग्ध अकाउंट हटाए हैं।
Updated on:
03 Jul 2026 06:55 pm
Published on:
03 Jul 2026 05:46 pm
