
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स: ANI)
Middle East Tentation: मिडिल-ईस्ट में लंबे समय से तनाव जारी है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम खत्म करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। बातचीत भी सही दिशा में हो रही है। उन्होंने आगे ये भी कहा कि बीते दिनों अमेरिका ने लगातार तीन रातों तक ईरान पर हमले किए। जिसके बाद अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं।
ट्रंप के मुताबिक, कतर की राजधानी दोहा में हुई बैठकों में अच्छे नतीजे मिले हैं। दोनों पक्ष कई अहम मुद्दों पर आगे बढ़ रहे हैं। इनमें होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और दूसरा स्थायी युद्ध विराम जैसे मुद्दे भी शामिल हैं। ट्रंप ने भरोसा जताते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के रिश्ते पहले से बेहतर हो रहे हैं। आने वाले दिनों में इस बातचीत के और सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि तेहरान भले ही सार्वजनिक तौर पर बातचीत से इनकार कर रहा हो। लेकिन दोनों देशों के बीच तकनीकी स्तर पर चर्चा जारी है।
वेंस ने कहा कि पहले से तय बैठकें लगातार हो रही हैं। इन बैठकों का मकसद पहले हुई बातचीत को आगे बढ़ाना है। उन्होंने ईरान के सार्वजनिक बयानों को फारसी बातचीत का तरीका बताया। दरअसल, उनका कहना था कि एक तरफ ईरान शांति वार्ता से इनकार करता है। वहीं दूसरी ओर काम कुछ और करता है।
उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका के लिए सबसे अहम बात यह है कि ईरान क्या कर रहा है। केवल बयान देना काफी नहीं है। अगर किसी समझौते तक पहुंचना है तो ईरान को ठोस रियायतें देनी होंगी। वेंस ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रशासन को बातचीत जारी रखने के निर्देश दिए हैं। लेकिन यदि कूटनीतिक रास्ता सफल नहीं होता तो अमेरिका के पास दूसरे विकल्प भी मौजूद हैं।
वेंस ने दावा किया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम अब लगभग खत्म हो चुका है। उनके अनुसार, यूरेनियम को उच्च स्तर तक समृद्ध करने की ईरान की क्षमता अब प्रभावी नहीं रही। उन्होंने कहा कि अगर अंतिम समझौता हो जाता है तो यह अच्छी बात होगी। लेकिन अगर समझौता नहीं भी होता, तब भी अमेरिका मजबूत स्थिति में रहेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के बयान के बाद अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर दोहा पहुंचे थे। हालांकि ईरान ने सीधी बातचीत से इनकार किया। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि दोहा में केवल कतर की मध्यस्थता के जरिए कुछ तय समझौतों को लागू करने पर चर्चा हो रही है। इसमें ईरान की फ्रीज की गई वित्तीय संपत्तियों का मुद्दा भी शामिल है।
वेंस ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई सामान्य बनी हुई है। इसे उन्होंने सकारात्मक संकेत बताया। हालांकि उन्होंने माना कि सीजफायर और अन्य समझौतों को पूरी तरह लागू करना आसान नहीं होगा। इसके बावजूद उन्होंने उम्मीद जताई कि अगर ईरान स्थायी रूप से परमाणु हथियार बनाने की महत्वाकांक्षा छोड़ देता है, तो अमेरिका दोनों देशों के रिश्तों में बड़ा बदलाव करने को तैयार है।
Updated on:
01 Jul 2026 08:49 pm
Published on:
01 Jul 2026 08:31 pm
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