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अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच चीन का सख्त रुख, AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए लागू किए नए नियम

अमेरिका-चीन टेक जंग के बीच चीन ने विदेशी निवेश पर नए नियम लागू किए हैं। AI, चिप और ग्रीन टेक्नोलॉजी से जुड़े सौदों की अब कड़ी जांच होगी।
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भारत

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Ankit Sai

Jul 01, 2026

US-China

अमेरिका और चीन के बीच बढ़ा तनाव

China Foreign Investment Rule: अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती टेक्नोलॉजी जंग के बीच चीन ने विदेशी निवेश को लेकर बड़ा कदम उठाया है। चीन ने AI, सेमीकंडक्टर और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे अहम क्षेत्रों में विदेशी निवेश और तकनीकी ट्रांसफर पर निगरानी बढ़ाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों के तहत चीन अब उन सौदों की समीक्षा कर सकेगा, जिनसे देश की सुरक्षा और रणनीतिक हित प्रभावित हो सकते हैं।

विदेशी सौदों पर चीन की बढ़ी नजर

चीन की स्टेट काउंसिल की ओर से जारी नए नियमों में विदेशी निवेश की निगरानी का दायरा बढ़ाया गया है। अब सिर्फ सामान और डेटा ट्रांसफर ही नहीं, बल्कि तकनीकी सेवाओं, विशेषज्ञों को विदेश भेजने और ट्रेनिंग कार्यक्रमों पर भी नजर रखी जा सकेगी। चीन सरकार का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य विदेशी निवेश की गुणवत्ता और स्तर को बेहतर बनाना है। साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि विदेशों में होने वाला निवेश देश की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के अनुरूप हो।

विदेशी कंपनियों पर पड़ेगा असर

नए नियमों का असर चीन के साथ काम करने वाली विदेशी कंपनियों और निवेशकों पर भी पड़ सकता है। टेक्नोलॉजी लाइसेंसिंग, रिसर्च प्रोजेक्ट और जॉइंट वेंचर जैसे समझौतों में अतिरिक्त मंजूरी की जरूरत पड़ सकती है। यह कदम ऐसे समय आया है जब पश्चिमी देशों की ओर से चीन पर कई तरह के प्रतिबंध, टैरिफ और टेक्नोलॉजी कंट्रोल लगाए गए हैं।

टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को लेकर बढ़ी चिंता

चीन अब यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसकी तकनीक बिना सरकारी निगरानी के विदेशों तक न पहुंचे। चीन रिसर्च संस्था गेवेकल ड्रैगोनॉमिक्स के डिप्टी चाइना रिसर्च डायरेक्टर क्रिस्टोफर बेडडोर ने कहा कि इन नियमों का मुख्य निशाना चीनी कंपनियां और निवेशक हैं। उनहोंने कहा कि अब विदेशी गतिविधियों का इस्तेमाल चीनी तकनीक को चीन की निगरानी से बाहर ले जाने के रास्ते के तौर पर नहीं किया जा सकेगा।

चीन में निवेश को लेकर कंपनियां सतर्क

सला 2026 के शुरुआती चार महीनों में चीन का विदेशी निवेश 429.42 अरब युआन तक पहुंचा, जिसमें सालाना आधार पर 3.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। अमेरिका के चैंबर ऑफ कॉमर्स इन चाइना के चेयरमैन जेम्स जिमरमैन ने कहा, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि चीनी साझेदारों के साथ रिश्तों में बड़े पैमाने पर बदलाव हुआ है। उन्होंने कहा कि कंपनियां नए नियमों के असर को समझने के लिए उनकी निगरानी कर रही हैं।

AI और चिप टेक्नोलॉजी पर खास फोकस

चीन ने AI, एडवांस चिप और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को देश की आर्थिक और रणनीतिक प्रगति के लिए बेहद अहम माना है।नई व्यवस्था के तहत अगर किसी विदेशी निवेश या साझेदारी से चीन की तकनीक बाहर जाने का खतरा होता है तो उसकी जांच होगी। इन नियमों का असर चीनी टेक कंपनियों के विदेशी विस्तार और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों पर पड़ सकता है।