
पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने बीजेपी पर साधा निशाना (Photo-IANS)
Mehbooba Mufti Hormuz Comparison LoC Border: जम्मू-कश्मीर को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत दोबारा शुरू करने की अपील की है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास इस समय एक सुनहरा अवसर है कि वह जम्मू-कश्मीर को युद्ध की जगह शांति और आर्थिक विकास का केंद्र बना सकते हैं।
महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर की तुलना ईरान के होर्मुज से करते हुए कहा कि जिस तरह होर्मुज ने ईरान को रणनीतिक ताकत दी है, उसी तरह जम्मू-कश्मीर भी भारत के लिए मध्य एशिया और दक्षिण एशिया के बीच एक अहम रास्ता बन सकता है।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक स्थिति बेहद महत्वपूर्ण है। अगर भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते बेहतर होते हैं और रास्ते खोले जाते हैं तो यह इलाका व्यापार और संपर्क का बड़ा केंद्र बन सकता है। उन्होंने कहा, दुनिया को देखिए, ईरान को देखिए कि उसने दुनिया का ध्यान खींचने के लिए होर्मुज का कैसे इस्तेमाल किया। इसी तरह, जम्मू-कश्मीर दक्षिण एशिया और मध्य एशिया को जोड़ने वाले एक गेटवे के तौर पर काम कर सकता है… देखिए कि पाकिस्तान अपनी रणनीतिक स्थिति का कैसे फायदे उठा रहा है।
वहीं जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और BJP विधायक सुनील शर्मा ने महबूबा मुफ्ती के बयान का विरोध किया। उन्होंने कहा कि जब आतंकवाद कम हो रहा है, ऐसे समय में पाकिस्तान से बातचीत की मांग करना सही नहीं है। सुनील शर्मा ने कहा, ऐसे समय में जब आतंकवाद खत्म होने की कगार पर है, इस तरह के बयान उन्हें शोभा नहीं देते, क्योंकि न तो समय की यही मांग है और न ही हालात ऐसे हैं कि उन्हें पाकिस्तान से बातचीत की मांग करनी चाहिए।
महबूबा मुफ्ती ने हाल ही में RSS नेताओं की ओर से पाकिस्तान के साथ बातचीत की बात का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बातचीत, लोगों के बीच संपर्क और विचारों का आदान-प्रदान जरूरी है। महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'मुझे खुशी है कि RSS के वरिष्ठ नेताओं, जैसे दत्तात्रेय होसबोले और मोहन भागवत के साथ-साथ कई अन्य नेताओं ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत होनी चाहिए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि पड़ोसी बदले नहीं जा सकते।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि LoC और LAC पर बातचीत और संपर्क बढ़ना चाहिए। उनका कहना है कि इससे जम्मू-कश्मीर को आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि हमें LoC और LAC पर बातचीत और सुलह-सफाई की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए, सीमाएं खोलनी चाहिए और जम्मू-कश्मीर को आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाना चाहिए।'
Published on:
01 Jul 2026 03:24 pm
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