
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे। (फोटो- ANI)
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के चार महीने बाद अब उनका अंतिम संस्कार होने जा रहा है। इस मौके पर ईरान ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेताओं को निमंत्रण भेजा है।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, विदेश मामलों के प्रमुख सलमान खुरशीद और प्रवक्ता पवन खेड़ा को विशेष तौर पर बुलाया गया है। तीनों कांग्रेस नेताओं को ईरान ने खास तौर पर बुलाया है।
ईरान ने सिर्फ कांग्रेस नेताओं को ही नहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नविन को भी आमंत्रित किया है। लेकिन उनकी तरफ से अभी तक कोई बड़ा फैसला नहीं हुआ है।
सूत्र बताते हैं कि भारत की तरफ से विदेश राज्य मंत्री पदवी मार्गरेटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हुसैन जा सकते हैं। ईरान की तरफ से पीएम नरेंद्र मोदी को भी निमंत्रण गया है, लेकिन वह जाएंगे या नहीं यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
कांग्रेस ने पहले ही खामेनेई की हत्या की निंदा की थी। पार्टी ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया था। सलमान खुरशीद ने दिल्ली में ईरानी दूतावास और आयतुल्लाह अब्दुल मजीद से मिलकर शोक संदेश दिया। पवन खेड़ा और अन्य नेता भी उनके साथ थे।
खामेनेई फरवरी 2026 में अमेरिका-इजराइल हमलों में मारे गए थे। अब 4 जुलाई से 9 जुलाई तक छह दिन का कार्यक्रम है। शुरुआत तेहरान से होगी, फिर कोम, इराक के नजफ और करबला और आखिर में मशहद में दफन किया जाएगा।
ईरान उम्मीद कर रहा है कि करोड़ों लोग इसमें शामिल होंगे। इसे इतिहास का सबसे बड़ा राज्य अंतिम संस्कार बताया जा रहा है। इसको लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
कांग्रेस ने हमेशा ईरान के साथ अच्छे संबंधों पर जोर दिया है। खरगे, खुरशीद और खेड़ा जैसे नेता इस निमंत्रण से पार्टी की विदेश नीति में सक्रिय भूमिका दिखा रहे हैं। पार्टी सूत्र कहते हैं कि यह निमंत्रण भारत-ईरान दोस्ती को मजबूत करने का मौका है।
दूसरी तरफ, सरकार पर सवाल उठ रहे हैं कि पीएम मोदी क्यों नहीं जा रहे। उधर, AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि पीएम मोदी को जरूर जाना चाहिए।
Updated on:
01 Jul 2026 07:13 pm
Published on:
01 Jul 2026 07:12 pm
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