
कतर ने तीन ईरानी पायलटों को हिरासत में लेने की रिपोर्टों को किया खारिज।(Photo Credit X/@EurekaNews10)
Iranian pilots captured in Qatar: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच दावा किया जा रहा है कि कतर ने तीन ईरानी पायलटों को हिरासत में लिया था, जब वे मार्च में अमेरिका के अल-उदीद एयर बेस को निशाना बनाने के मिशन पर थे। अब इसको लेकर दोहा की तरफ से जवाब आया है, जिसमें उसने उन तमाम रिपोर्टों का खंडन किया है। इस संबंध में कतर ने कहा कि ये आरोप भ्रामक हैं और क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए चल रहे राजनयिक प्रयासों के बीच ऐसे संवेदनशील समय पर लगाए गए हैं।
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद मोहम्मद अल-अंसारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना तब हुई थी जब ईरानी विमानों ने बिना अनुमति कतर की हवाई सीमा को पार किया था। कतर के सुरक्षा अधिकारियों ने नियमों का पालन करते हुए तुरंत उन पायलटों से रेडियो के जरिए संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन जब ईरानी पायलटों की तरफ से कोई भी जवाब नहीं मिला, तो कतर को अपने देश की सीमाओं की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार जरूरी कदम उठाने पड़े।
कतर के प्रवक्ता ने बताया कि बाद में सर्च और रेस्क्यू टीमों ने एक पायलट का शव बरामद किया था। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि कतर ने शव को सौंपने के लिए ईरान से संपर्क किया था, लेकिन ऑपरेशन की जानकारी की समीक्षा करने के निमंत्रण पर तेहरान ने अभी तक जवाब नहीं दिया है। प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरानी पायलटों को हिरासत में लिए जाने संबंधी प्रसारित किए जा रहे दावों का हम स्पष्ट रूप से खंडन करते हैं। इस विशेष समय पर इन भ्रामक बयानों से हमें आश्चर्य हुआ है।
ईरानी 'फार्स न्यूज़ एजेंसी' ने शनिवार को रिपोर्ट दी थी कि कतर में अमेरिकी बेस के खिलाफ मार्च में हुए एक ऑपरेशन के दौरान दो ईरानी Su-24 लड़ाकू विमानों को मार गिराया गया था। इसके बाद कतर के सुरक्षाबलों ने तीन पायलटों को पकड़ लिया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ की लापता लोगों की तलाश संबंधी समिति के कमांडर मोहम्मद बागेरजादेह ने तीन पायलटों की पहचान जवाद सालेही, अब्दोल-मजीद दश्तियान और इमरान बेरुशियन के रूप में की। बागेरजादेह ने दावा किया कि उन्हें पिछले छह महीनों से कतरी बलों ने बंधक बना रखा है। उन्हें परिवारों या ईरानी अधिकारियों से संपर्क की अनुमति नहीं दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारी ने इंटरनेशनल कमिटी ऑफ द रेड क्रॉस को इन पायलटों तक पहुंच प्रदान करने की मांग की है।
Updated on:
16 Aug 2026 07:31 am
Published on:
16 Aug 2026 07:27 am
