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“मल्लिकार्जुन खरगे को अब संन्यास ले लेना चाहिए!” दिलीप घोष बोले- कांग्रेस का अंत करीब, राहुल गांधी पर भी बरसे

Mallikarjun Kharge PM Modi remark: बंगाल से उठी इस राजनीतिक प्रतिक्रिया में राहुल गांधी की सक्रियता और ममता बनर्जी की राजनीति भी चर्चा के केंद्र में आ गई है। दिलीप घोष के तीखे हमलों ने विपक्षी एकजुटता और चुनावी रणनीति को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
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Updated: 26 Oct 2026, 9:06 AM IST
Dilip Ghosh’s Fiery Attack on Kharge
Dilip Ghosh’s Fiery Attack on Kharge : मोदी पर खड़गे की टिप्पणी से भड़के दिलीप घोष, राहुल गांधी को लेकर कह दी बड़ी बात! (फोटो सोर्स: ANI)

Dilip Ghosh on Mallikarjun Kharge: पश्चिम बंगाल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी ने सियासी बहस को नया मोड़ दे दिया है। भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने इस मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व को निशाने पर लेते हुए पार्टी की राजनीतिक स्थिति और उसके शीर्ष नेताओं की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। मामला अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए कांग्रेस की रणनीति, नेतृत्व और आगामी चुनावी तैयारियों को लेकर भी राजनीतिक टकराव तेज होता दिखाई दे रहा है।

Mallikarjun Kharge PM Modi Remark: खड़गे की टिप्पणी से गरमाई सियासत, दिलीप घोष ने कांग्रेस नेतृत्व पर साधा निशाना

राजनीतिक बहस जोर पकड़ गई है। न्यू टाउन, कोलकाता में दिलीप घोष ने खुले तौर पर कहा कि खड़गे की बयानबाजी उनकी हताशा दिखाती है, और कांग्रेस का भविष्य भी सवालों के घेरे में है। घोष के मुताबिक, कांग्रेस के बड़े नेता अपनी कमजोर स्थिति से परेशान हैं, इसलिए ऐसी बातें कह रहे हैं। उन्होंने खड़गे को सलाह दी – अब राजनीति से किनारे हो जाना चाहिए, उनका करियर खत्म होने की तरफ है और कांग्रेस भी धीरे-धीरे गिर रही है। खड़गे किसका पिता है, किसका नहीं – ऐसे मुद्दों से बचना चाहिए।

Rahul Gandhi Latest News: राहुल गांधी पर भी हमला, चुनावी अभियान को बताया बेअसर

राहुल गांधी पर भी दिलीप घोष ने तंज कसा। पहले उन्होंने कहा, राहुल गांधी को खुद यह भरोसा दिलाना चाहिए कि वे देश में ही हैं। अपनी चुनावी योजनाओं के बारे में भी दिलीप घोष ने कहा – राहुल गांधी की संगरूर, पंजाब में 4 नवंबर से शुरू होने वाली कांग्रेस की चुनावी शुरुआत से उन्हें कोई बड़ा असर नहीं दिखता। मैं कई ऐसी घोषणाएँ सुन चुका हूं, लेकिन इनमें कोई दम नहीं है। घोष का कहना था – राहुल गांधी और खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस की परेशानी बढ़ती जाएगी।

यह सब तब हुआ, जब कांग्रेस कई राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है और भाजपा को चुनौती देने की बात कर रही है। वैसे चुनाव की सफलता सिर्फ बयानबाजी से तय नहीं होती – असली ताकत संगठन, स्थानीय मसले और वोटर की तरफदारी से आती है।

ममता बनर्जी पर भी निशाना, धन के इस्तेमाल को लेकर उठाए सवाल

दिलीप घोष ने ममता बनर्जी पर भी सवाल उठाए, खासकर सरकारी और गैर-सरकारी पैसे के इस्तेमाल को लेकर। उन्होंने ममता बनर्जी के परिवार और भाई-भतीजों का नाम लिया – पूछा, अगर इतना पैसा खर्च हुआ, तो उसका हिसाब कहाँ है? घोष ने साफ कहा – अगर चुनाव सिर्फ धन से जीते जा सकते, तो भाजपा कब की सत्ता में आ चुकी होती। जनता का फैसला ही सबसे बड़ा होता है।

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26 Oct 2026, 9:06 AM IST
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