26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जामिया में 2 हफ्ते से जारी प्रदर्शन खत्म, छात्र संघ चुनाव पर विवि प्रशासन राजी, लेकिन रखी ये शर्त

Jamia Students Protest: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रों और प्रशासन के बीच समझौते के बाद प्रदर्शन खत्म हो गया है। 15 दिन में छात्र संघ चुनाव होंगे, निलंबन और नोटिस वापस लिए जाएंगे। छात्रों को सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगनी होगी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Pratiksha Gupta

•

Updated: 26 Oct 2026, 9:47 AM IST

Jamia Millia Islamia

जामिया में 2 हफ्ते से जारी प्रदर्शन हुआ खत्म (फोटो सोर्स-@shekhar)

Jamia Millia Islamia University: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर करीब दो सप्ताह से जारी प्रदर्शन विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ समझौते के बाद खत्म हो गया है। समझौते के तहत 15 दिनों के भीतर छात्र संघ के चुनाव कराए जाएंगे और प्रदर्शन के दौरान जारी निलंबन आदेश व कारण बताओ नोटिस वापस लिए जाएंगे। वहीं, प्रदर्शनकारी छात्रों को प्रशासन के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों और सोशल मीडिया पोस्ट के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस में सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी।

प्रशासन और छात्रों के बीच क्या हुआ समझौता?

रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति की मुख्य बातें इस प्रकार हैं-

  • छात्र संघ चुनाव: छात्र संघ के संविधान को औपचारिक मंजूरी मिलने के 15 दिनों के अंदर चुनाव कराए जाएंगे।
  • कार्रवाई वापस: यूनिवर्सिटी प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर किए गए निलंबन आदेशों और जारी किए गए सभी कारण बताओ नोटिस को वापस लेने पर सहमति जताई है।
  • जांच समिति: आंदोलन के दौरान सुरक्षा कर्मियों की ओर से की गई कार्रवाई की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा।
  • सार्वजनिक माफी: समझौते की एक शर्त यह भी तय की गई है कि प्रदर्शनकारी छात्र आंदोलन के दौरान प्रशासन के खिलाफ सोशल मीडिया और अन्य जगहों पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगे।

कर्मचारियों ने निकाला था मार्च

प्रदर्शन को खत्म कराने के लिए शनिवार को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक बड़ी पहल की थी। कुलपति मजहर आसिफ और रजिस्ट्रार एमडी महताब आलम रिजवी के नेतृत्व में करीब 1,500 से अधिक शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने अंसारी ऑडिटोरियम से लेकर गेट नंबर 7 तक मार्च निकाला था। इसी गेट पर छात्र धरना दे रहे थे। प्रशासन ने बताया कि कर्मचारियों ने छात्रों से शांतिपूर्वक प्रदर्शन खत्म करने की अपील की थी, जिसके बाद लंबी बातचीत और आपसी सहमति से अब इस मामले का सकारात्मक समाधान निकल आया है।

क्या है पूरा मामला और क्यों हो रहा था प्रदर्शन?

जामिया यूनिवर्सिटी में छात्र मुख्य रूप से जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्र संघ (JMISU) को फिर से बहाल करने की मांग कर रहे थे। छात्रों का तर्क था कि यूनिवर्सिटी में साल 2006 के बाद से छात्र संघ के चुनाव नहीं हुए हैं, इसलिए कैंपस में छात्रों का लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व होना बेहद जरूरी है। यह आंदोलन पिछले कुछ दिनों में काफी तेज हो गया था। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के मुताबिक, इस दौरान चार छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे, जबकि एक पीएचडी शोधार्थी सनम गुलिस्तान-ए-गालिब लॉन में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए थे।

बड़ी खबरें

View All

नई दिल्ली

दिल्ली न्यूज़

ट्रेंडिंग