Funding for Indian Election: भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने में अमेरिकी सहायता को लेकर भाजपा और कांग्रेस एक बार फिर से आमने-सामने है। भाजपा ने कांग्रेस को घेरते हुए सोशल मीडिया पर जंग छेड़ दी है।
USAIDFund: भारत में अमेरिकी आर्थिक सहायता से मतदान प्रतिशत बढ़ाने का मुद्दा उस समय एकबार फिर सुलग गया जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप(Donald Trump) ने इस सहायता को बंद करने के अपने फैसले को उचित बताते हुए पूर्ववर्ती जो बाइडन सरकार को कटघरे में खड़ा किया। ट्रंप ने बुधवार को फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर (FII) सम्मेलन में यह कहकर विवाद बढ़ा दिया कि 'हमें भारत में मतदान के लिए 2.1 करोड़ अमरीकी डॉलर खर्च करने की क्या जरूरत है? मुझे लगता है कि वे (Joe Biden) किसी और को निर्वाचित कराने की कोशिश कर रहे थे।' ट्रंप के बयान को पहली बार भारत में चुनाव को प्रभावित करने की स्वीकारोक्ति मानते हुए गुरुवार को यहां राजनीति गरमा गई।
भारतीय चुनाव को प्रभावित करने के आरोप के बाद भाजपा (BJP) आइटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय (Amit Malviya) ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर विदेशी एजेंसियों के लिए टूल की तरह काम करने का आरोप लगाया और कई पुराने वीडियो साझा कर यह साबित करने की कोशिश की यूएसएआइडी से कांग्रेस (Congress) ने फायदा उठाया है। दूसरी ओर कांग्रेस ने ट्रंप की बात को 'बकवास' करार दिया और केंद्र सरकार से पिछले दशकों में सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों को मिली आर्थिक सहायता पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की।
अमेरिकी दक्षता विभाग (DOGE) के प्रमुख एलन मस्क के सुझाव पर पिछले दिनों राष्ट्रपति ट्रंप ने यूएसएआइडी फंड (USAID) समाप्त कर दिया था। इस फंड से भारत के साथ-साथ बांग्लादेश और नेपाल जैसे एशियाई देशों को सहायता दी जाती थी। भारत में मतदाता प्रतिशत बढाने, बांग्लादेश में राजनीतिक परिदृश्य मजबूत करने और नेपाल में जैव विविधता संरक्षण के साथ-साथ एशिया में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए यूएसएआइडी से आर्थिक मदद मिलती रही है।
इससे पहले कांग्रेस कोषाध्यक्ष अजय माकन कह चुके हैं कि पार्टी किसी भी तरह से हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विदेशी हस्तक्षेप मंजूर नहीं करती है। यदि 2012 में अमरीका से मतदान बढ़ाने के लिए धन आया है तो उसका लाभ तो उस समय की विपक्षी दल भाजपा को मिला होगा। आज हम सत्ता में नहीं है। भारत सरकार को 2012 में आए 21 मिलियन डॉलर और उसके बाद 2014 से 2024 तक आए 5 हजार 200 मिलियन डॉलर के कामों की जांच करवानी चाहिए।
कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'यूएसएआइडी इन दिनों काफी चर्चा में है। इसकी स्थापना तीन नवंबर 1961 को की गई थी। अमरीकी राष्ट्रपति के दावे, कम से कम कहने के लिए, बकवास हैं। फिर भी, भारत सरकार को यथाशीघ्र एक श्वेत पत्र जारी करना चाहिए, जिसमें पिछले दशकों में भारत में सरकारी और गैर-सरकारी दोनों संस्थाओं को यूएसएआइडी से सहायता हासिल करने का ब्योरा हो।'
अमित मालवीय ने एक्स पर राहुल गांधी का एक पुराना वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष भारत के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं। यह वीडियो मार्च 2023 का है। मालवीय ने कहा कि राहुल अमरीका और यूरोप से भारत में दखल देन की अपील कर रहे हैं। मालवीय ने कहा कि ट्रंप ने इस बात की पुष्टि की है कि वास्तव में भारत के चुनाव को प्रभावित करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जगह किसी और को लाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने मोदी के दो वीडियो साझा किए जिनमें लह विदेश ताकतों पर भारत के चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगा रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एफआइआइ सम्मेलन में पिछले दिनों कहा था, "मेरे मन में भारत के लिए बहुत सम्मान है। मेरे मन में प्रधानमंत्री के लिए बहुत सम्मान है। जैसा कि आप जानते हैं, वे दो दिन पहले ही यहां से गए हैं। हम मतदान के लिए 21 मिलियन डॉलर दे रहे थे। भारत में मतदान बढाने के लिए। लेकिन, यहां (अमरीका में) मतदान के बारे में क्या? ओह… हमने 500 मिलियन डॉलर दिए हैं, है न? इसे लॉकबॉक्स कहते हैं।"