
ममता बनर्जी की बैठक रही फीकी। फोटो में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी (AI जनरेटेड इमेज)
Mamata Banerjee TMC MLA Meeting: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों हलचल मची हुई है। बंगाल चुनाव हारने के बाद तृणमूल कांग्रेस के सामने हर दिन नई-नई चुनौतियां खड़ी होती दिख रही हैं।
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हुए हमलों के बीच TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने हालात पर चर्चा के लिए अपने कालीघाट स्थित आवास पर विधायकों की अहम बैठक बुलाई। लेकिन बैठक शुरू होते ही ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए। 80 विधायकों वाली पार्टी में सिर्फ 20 विधायक ही बैठक में पहुंचे, जबकि 60 विधायक नदारद रहे। इतने बड़े पैमाने पर विधायकों की गैरमौजूदगी ने पार्टी के भीतर असंतोष, गुटबाजी और संभावित बगावत की चर्चाओं को हवा दे दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ममता के बुलावे के बावजूद इतने विधायक बैठक से दूर क्यों रहे और क्या TMC के अंदर सब कुछ ठीक चल रहा है?
बैठक में कुणाल घोष, शोभनदेव चट्टोपाध्याय, मदन मित्रा, नयना बंद्योपाध्याय, अशोक कुमार देब और बिमान बनर्जी समेत कुछ वरिष्ठ नेता पहुंचे, लेकिन कुल संख्या सिर्फ 20 विधायकों तक ही सीमित रही।
विधायकों की कम मौजूदगी को लेकर उठ रही अटकलों के बीच टीएमसी नेता और विधायक कुणाल घोष ने पार्टी में किसी तरह के मतभेद से इनकार किया। ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर उन्होंने कहा कि ज्यादातर विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में पहले से तय कार्यक्रमों में व्यस्त थे, इसलिए बैठक में नहीं आ सके।
हालांकि सूत्रों के मुताबिक कई विधायक संपर्क से बाहर बताए गए और कुछ ने फोन कॉल का जवाब भी नहीं दिया। एक मौजूदा विधायक ने बताया कि उन्हें शनिवार को अभिषेक बनर्जी के स्टाफ की ओर से बैठक में शामिल होने के लिए फोन किया गया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में विधायकों का अनुपस्थित रह गए हैं।
Published on:
31 May 2026 08:47 pm
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