वायनाड में खोज और बचाव अभियान के लिए करीब 300 जवानों को तैनात किया है, जबकि जरूरत पड़ने पर तिरुवनंतपुरम में 140 जवानों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
केरल के वायनाड में मंगलवार को हुए भूस्खलन में मरने वालों की संख्या अब तक 150 तक पहुंच गई है। वहीं, करीब 200 लोग घायल बताए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में सरकारी एजेंसियों की ओर से बचाव अभियान चलाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, अभी भी कई परिवारों ने बताया है कि उनके परिवार के सदस्य अभी तक नहीं मिल पाए हैं।
24 घंटों के भीतर 20 सेमी से अधिक बारिश होने का अनुमान है। वायनाड, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, कन्नूर, कासरगोड, इडुक्की और त्रिशूर के लिए रेड अलर्ट के अलावा, पथानामथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऑरेंज अलर्ट बहुत भारी बारिश को दर्शाता है, जबकि भारी बारिश को दर्शाता एक पीला अलर्ट भी जारी किया गया है।
भारतीय सेना ने वायनाड में खोज और बचाव अभियान के लिए करीब 300 जवानों को तैनात किया है, जबकि जरूरत पड़ने पर तिरुवनंतपुरम में 140 जवानों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। कल देर शाम राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और सेना की सहायता के लिए नौसेना की टीमें और वायुसेना के हेलीकॉप्टर तैनात किए गए। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि आपदा राहत टीमें भी भेजी गई हैं और बचाव कुत्तों की टीमें हवाई मार्ग से भेजी जा रही हैं। केरल में लगातार बारिश ने तबाही मचा रखी है, सड़कें कट गई हैं, जिससे बचाव और राहत कार्य में भी दिक्कत आ रही है।
राज्य में 24 घंटे में 372 मिमी बारिश दर्ज की गई, इससे पहले वायनाड जिले में चार घंटे में तीन भूस्खलन हुए। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में वायनाड और कई अन्य जिलों में और बारिश की आशंका जताई है। यह अलर्ट इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझीकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए जारी किया गया है। वहीं, पठानमथिट्टा, अलपुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन से बात की और सरकार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि पार्टी कार्यकर्ता बचाव अभियान में मदद करें।