Pralay Missile :पाकिस्तान हो या चीन अब कोई भी विदेशी दुश्मन भारत की तरफ आंख उठाकर नहीं देख पाएगा। देश की पहली मिसाइल रेजिमेंट में अब रक्षा मंत्रालय ने प्रलय मिसाइल को शामिल करने की अनुमति दी है।
Pralay Missile :पाकिस्तान हो या चीन अब कोई भी विदेशी दुश्मन भारत की तरफ आंख उठाकर नहीं देख पाएगा। देश की पहली मिसाइल रेजिमेंट में अब रक्षा मंत्रालय ने प्रलय मिसाइल को शामिल करने की अनुमति दी है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने प्रलय मिसाइल को बनाने की जिम्मेदारी दी है। यह मिसाइल दूर से अपने दुश्मनों पर सटीक निशाना लगाकर मार गिराएगी। राकेट फोर्स बनाने का विचार देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने दिया था।
रक्षा मंत्रालय ने पिछले साल भारतीय वायु सेना के लिए प्रलय मिसाइल यूनिट बनाने की मंजूरी दी थी। प्रलय सतह से सतह और हवा में मार करने वाली मिसाइल है। भारतीय सेना इस मिसाइल के माध्यम से अपनी रॉकेट फोर्स मजबूत करने जा रही है। इसे कम दूरी के लिए पूरी सटीकता के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे बहुत तेजी से कहीं से भी दागा जा सकता है।
क्या है प्रलय
प्रलय की मारक क्षमता 500 किलोमीटर है
प्रलय की गति 2000 किलोमीटर प्रतिघंटा है
प्रलय हवा में अपनी दिशा बदल सकता है
प्रलय की क्षमता रात में भी हमला करने की है
प्रलय में इफ्रारेड और थर्मल स्कैनर लगा है
प्रलय का दिसंबर 2021 में परीक्षण किया गया है
प्रलय को ट्रांसपोर्टर इरेक्टर से लांच कर सकते हैं
प्रलय 10 मीटर के दायरे में सब साफ कर देती हैं
प्रलय का वजन 5 टन तक होता है