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तमिलनाडु में IG को हटाने का आदेश, चुनाव आयोग ने इलेक्शन ड्यूटी से भी रोका, सामने आई बड़ी वजह

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सिर्फ पांच दिन बचे हैं। चुनाव आयोग ने रविवार को राज्य सरकार को आदेश दिया कि इंटेलिजेंस के IG केए सेंथिल वेलन को तुरंत हटाया जाए।

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Apr 19, 2026
चुनाव आयोग। (फोटो-IANS)

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सिर्फ पांच दिन बचे हैं। इससे ठीक पहले भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने राज्य सरकार को सीनियर आईपीएस अधिकारी व तमिलनाडु में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (इंटेलिजेंस) केए सेंथिल वेलन को उनके पद से हटाने का निर्देश दिया है।

आयोग ने सेंथिल की जगह पर तत्काल प्रभाव से अविनाश कुमार को नियुक्त करने का भी ऑर्डर जारी किया है। ईसीआई ने रविवार को जारी एक आदेश में निर्देश दिया कि 2004-बैच के आईपीएस अधिकारी अविनाश कुमार को नया आईजी (इंटेलिजेंस) बनाया जाए।

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निष्पक्षता और कार्यकुशलता की जरूरत पर जोर

इसके अलावा, आयोग ने मतदान से पहले प्रशासनिक निष्पक्षता और कार्यकुशलता की जरूरत पर जोर दिया। ईसीआई के सचिव मधुसूदन गुप्ता की ओर से यह ऑर्डर जारी किया गया है।

यह निर्देश आयोग के उन लगातार प्रयासों का हिस्सा है जिनका मकसद सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना और चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखना है।

शाम 5 बजे तक रिपोर्ट जमा करने का निर्देश

आयोग ने तमिलनाडु सरकार से कहा है कि वह रविवार शाम 5।00 बजे तक एक अनुपालन रिपोर्ट जमा करे, जिसमें इस बात की पुष्टि हो कि अविनाश कुमार ने अपना कार्यभार संभाल लिया है।

आयोग ने निवर्तमान अधिकारी के संबंध में भी स्पष्ट प्रतिबंध लगाए हैं, जिसमें कहा गया है कि सेंथिल वेलन को पूरी चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव से संबंधित कोई भी जिम्मेदारी नहीं सौंपी जानी चाहिए।

मुख्य सचिव को भेजा गया आदेश

यह आदेश औपचारिक रूप से तमिलनाडु के मुख्य सचिव को भेजा गया, जिसकी एक प्रति मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी भेजी गई, ताकि तत्काल अनुपालन की गंभीरता और महत्व पर जोर दिया जा सके।

सूत्रों ने बताया कि चुनाव के समय इस तरह के आखिरी मिनट के प्रशासनिक फेरबदल कोई असामान्य बात नहीं है, क्योंकि आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के अपने संवैधानिक दायित्व का पालन करता है।

क्यों हटाने का आदेश जारी किया गया?

प्रमुख अधिकारियों, विशेष रूप से इंटेलिजेंस और कानून-व्यवस्था जैसी संवेदनशील जगहों पर तैनात अधिकारियों के ट्रांसफर अक्सर इसलिए किए जाते हैं ताकि किसी भी संभावित पक्षपात या कथित प्रभाव को खत्म किया जा सके, जिसका असर चुनाव के संचालन पर पड़ सकता है।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को होने हैं और चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। राज्य में एक जोरदार चुनावी मुकाबला देखने को मिल रहा है, जिसमें प्रमुख राजनीतिक दल और गठबंधन सभी विधानसभा क्षेत्रों में लोगों तक पहुंचने के अपने प्रयासों को तेज कर रहे हैं।

चुनाव आयोग राज्य के तंत्र की तैयारियों पर बारीकी से नजर रख रहा है, जिसमें कानून-व्यवस्था व प्रशासनिक ढांचे शामिल हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मतदान पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।

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