
Sunder Sham Arora ED Raid: पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय की एक कार्रवाई ने राजनीतिक गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है। होशियारपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा के आवास पर ED की टीम ने सुबह-सुबह दस्तक दी। सुरक्षा के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान भी तैनात रहे। कार्रवाई की वजह को लेकर फिलहाल आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन अधिकारियों की दस्तावेजी पड़ताल ने मामले को चर्चा में ला दिया है।
होशियारपुर के जोधामल रोड स्थित अरोड़ा के आवास पर केंद्रीय एजेंसी की टीम सुबह करीब पांच बजे तीन से चार वाहनों में पहुंची। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अधिकारियों ने घर में तलाशी अभियान शुरू किया। पूरी कार्रवाई के दौरान CRPF के जवान भी मौके पर मौजूद रहे। फिलहाल जांच का दायरा और एजेंसी की ओर से खंगाले जा रहे दस्तावेजों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस बीच, अरोड़ा के वकील एचएस सैनी भी उनके आवास पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि अंदर मौजूद ED के दो अधिकारियों से उनकी बातचीत हुई है। अधिकारियों ने उन्हें स्पष्ट किया कि जांच जारी है और इस स्तर पर मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की जा सकती। वकील के अनुसार, जांच टीम ने उनसे कुछ दस्तावेज मांगे थे, जो उनके पास उपलब्ध थे। उन्होंने वे कागजात अधिकारियों को सौंप दिए।
इस पूरी कार्रवाई का सबसे अहम पहलू यह है कि ED ने अब तक आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया है कि तलाशी किस मामले के सिलसिले में की जा रही है। किसी पुराने प्रकरण से जुड़े होने की संभावना की चर्चा जरूर है, लेकिन इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच के नतीजे सामने आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
सुंदर शाम अरोड़ा पहले भी पंजाब की जांच एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। अक्टूबर 2022 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने उन्हें एक अधिकारी को कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रिश्वत देने के मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय आरोप था कि वे अपने खिलाफ चल रही जांच में राहत चाहते थे। यह आरोप जांच एजेंसी की ओर से लगाए गए थे।
इसके अलावा, औद्योगिक भूखंडों के आवंटन से संबंधित विवाद में भी उनका नाम सामने आया था। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दिसंबर 2024 में संबंधित FIR रद्द कर दी थी। जनवरी 2026 में उनके आवास पर आयकर विभाग ने भी तलाशी अभियान चलाया था, जो करीब तीन दिनों तक चला। उस कार्रवाई को ED की मौजूदा जांच से अलग समझना जरूरी है।
होशियारपुर में ED की कार्रवाई के बीच बरनाला से भी पंजाब की राजनीति को लेकर तीखी बयानबाजी सामने आई। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने मंत्री अमन अरोड़ा के बयान पर पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा।
चन्नी ने केजरीवाल के करीबियों पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाते हुए उन्हें उनका वफादार समूह बताया। उन्होंने अमन अरोड़ा को भी अपने विधानसभा क्षेत्र की चिंता करने की नसीहत दी। चन्नी ने BJP के साथ कथित राजनीतिक समझ को लेकर भी सवाल उठाए। इतना ही नहीं, उन्होंने दावा किया कि जिस दिन छापेमारी हुई थी, उस दिन अमन अरोड़ा ने कपड़े बदलकर ट्रैकसूट और टोपी पहनी थी तथा गाड़ी से घर से निकल गए थे। ये सभी बातें चन्नी के राजनीतिक आरोप हैं, इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एक तरफ केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई ने होशियारपुर में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों का ध्यान खींचा है, वहीं दूसरी तरफ नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी जारी है। फिलहाल सबकी नजरें ED की जांच और उसके आधिकारिक खुलासे पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि तलाशी के दौरान कौन से दस्तावेज सामने आते हैं और एजेंसी आगे क्या कदम उठाती है।