पश्चिम बंगाल से आने वाले एक्टर प्रसेनजीत चटर्जी समेत 11 लोगों को नागरिक पुरस्कार मिला है। क्या मोदी सरकार पद्म अवार्ड के जरिए भद्रलोक को लुभाने की तैयारी में है। पढ़ें पूरी खबर...
गणतंत्र दिवस के मौके पर हर साल सैनिकों के लिए वीरता पुरस्कार और नागरिक सम्मान पुरस्कार की घोषणा होती है। भारत सरकार अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ठ काम करने वाले नागरिकों को सम्मान प्रदान करती है। इस साल मोदी सरकार ने 131 लोगों को पद्म अवार्ड से नवाजा है। जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्मश्री शामिल हैं। भारतीय राजनीति के लिहाज से भी इस बार का नागरिक सम्मान पुरस्कार अहम है। इस साल देश के 5 राज्यों (केरल, असम, पश्चिम बंगाल, पुदुचेरी और तमिलनाडु) में चुनाव होना है। इन राज्यों के कई लोगों को पुरस्कार से नवाजा गया है।
पश्चिम बंगाल अपने कला और संस्कृति के लिए विख्यात है। आर्ट व कल्चर का गहरा प्रभाव राजनीति पर भी है। ऐसे में मोदी सरकार ने इस बार पश्चिम बंगाल से आने वाले 11 नागरिकों को पद्म अवार्ड से सम्मानित किया है। इसमें बंगाली एक्टर प्रसेनजीत भी शामिल हैं। प्रसेनजीत को कला के क्षेत्र में उत्कृष्ठ योगदान के लिए सरकार ने पद्म श्री से नवाजा है।
प्रसेनजीत चटर्जी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मैं भारत सरकार का तहे-दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे इस पुरस्कार के लिए चुना है। प्रसेनजीत ने कहा कि मैं पिछले 40 वर्षों से कला के क्षेत्र में कार्यरत हूं। यह सम्मान मेरे उन सभी साथियों को समर्पित है जो मेरे साथ काम करते हैं और उन दर्शकों को जो मुझे इतना प्यार देते हैं।
उन्होंने कहा कि मुझे इस खबर की बिल्कुल जानकारी नहीं थी। मैं अपने एक नए सिनेमा की रिलीज के सिलसिले में कहीं गया हुआ था, जो कि अच्छा प्रदर्शन कर रही है। वहां मुझे पता चला कि देश का इतना बड़ा सम्मान मुझे मिलने वाला है। मैं एक बार फिर तहे दिल से भारत सरकार को बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं। यह मेरे लिए और मेरी बंगाली इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ी बात है।
प्रसेनजीत के अलावे लिटरेचर और एजुकेशन क्षेत्र में अहम योगदान देने के लिए अशोक कुमार हलधर को पद्म श्री, लिटरेचर और एजुकेशन क्षेत्र में गंभीर सिंह योनजोंन को पद्म श्री, कला क्षेत्र में हरि माधव मुखोपाध्याय को मरणोपरांत पद्म श्री, कला क्षेत्र में ज्योतिष देवनाथ को पद्म श्री, कला क्षेत्र में कुमार बोस को पद्म श्री, लिटरेचर और एजुकेशन क्षेत्र में महेंद्र नाथ रॉय को पद्म श्री, लिटरेचर और एजुकेशन क्षेत्र में रबीलाल टुडु को पद्म श्री, मेडिकल क्षेत्र में सरोज मंजल को पद्म श्री, कला क्षेत्र में तरुण भट्टाचार्या को पद्म श्री और कला में तृप्ति मुखर्जी को पद्म श्री सम्मान से नवाजा गया है।
पश्चिम बंगाल सरकार और तृणमूल कांग्रेस बीजेपी पर बाहरी और बंगाली अस्मिता को सम्मान नहीं देने का आरोप लगाती है। ऐसे में मोदी सरकार ने बंगाल के कलाकारों और साहत्यिक क्षेत्र के लोगों को सम्मान देकर भद्रलोक में सेंधमारी की कोशिश की है।
सियासी जानकारों का कहना है कि बीजेपी पहले ही बिहार से आने वाले नितिन नवीन को अध्यक्ष बना चुकी है। नए बीजेपी अध्यक्ष कायस्थ समाज से आते हैं। यह समाज पश्चिम बंगाल की प्रभावशाली जातियों में से एक हैं। वहीं कायस्थ, ब्राह्मण और वैद्य, बंगाल का भ्रदलोक समाज का अटूट हिस्सा हैं। जिनका 70 सीटों पर प्रभाव है। भद्रलोक राज्य की राजनीति में नैरेटिव बनाने का भी काम करता है। वहीं, पढ़ा-लिखा तबका होने कारण उनका कला-संस्कृति की तरफ रूझान भी अधिक है। ऐसे में मोदी सरकार उन्हें यह एहसास दिलाने में जुटी है कि उनकी भद्रलोक पर नजर है। वह उन्हें मान-सम्मान दे रही है।