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India-EU Deal के बाद एंटोनिया कोस्टा ने क्यों दिखाया OIC Card, जानिए क्या होता है यह कार्ड

Identity:यूरोपीय परिषद के प्रमुख एंटोनियो कोस्टा ने भारत-EU व्यापार समझौते के दौरान अपना ओसीआई कार्ड दिखाकर अपनी गोवा की जड़ों पर गर्व व्यक्त किया।
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Jan 27, 2026
Antonio Costa OCI Card India EU
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ओसीआई कार्ड दिखाते हुए। (फोटो: स्क्रीन शॉट ANI Video)

Ancestry: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से न केवल आर्थिक गलियारों में हलचल मच गई है, बल्कि एक बहुत भावनात्मक पल भी दुनिया के सामने रखा। नई दिल्ली में जब इस समझौते पर मुहर लगी, तो यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने अचानक अपनी जेब से अपना ओसीआई कार्ड (Antonio Costa OCI Card India EU) निकाल कर सबको चौंका दिया। उन्होंने गर्व से कहा कि वह सिर्फ यूरोप के प्रतिनिधि नहीं, बल्कि एक प्रवासी भारतीय भी हैं।

गोवा की जड़ों से पुर्तगाल के पीएम तक का सफर (Antonio Costa Goa ancestry Babush)

एंटोनियो कोस्टा का भारत से गहरा और पुराना नाता है। उनकी जड़ें भारत के खूबसूरत राज्य गोवा में हैं। उनके दादा का जन्म गोवा में ही हुआ था और उनके पिता ऑरलैंडो दा कोस्टा एक मशहूर लेखक थे, जिनकी रचनाओं में गोवा की संस्कृति की झलक साफ दिखती है। दिलचस्प बात यह है कि कोस्टा को आज भी उनके परिवार और कोंकणी समुदाय में 'बाबुश' (Babush) के प्यारे उपनाम से जाना जाता है।

पीएम मोदी ने 2017 में दिया था यह खास सम्मान

एंटोनियो कोस्टा को यह ओसीआई (Overseas Citizen of India) कार्ड साल 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद प्रदान किया था। उस समय कोस्टा पुर्तगाल के प्रधानमंत्री थे। पीएम मोदी ने उन्हें "दुनिया भर में फैले भारतीय प्रवासियों का सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि" बताया था। कोस्टा ने समझौते के दौरान कहा, "मेरे लिए यह समझौता सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रूप से भावनाओं से जुड़ा हुआ है। मुझे अपनी भारतीय जड़ों पर बहुत गर्व है।"

क्या होता है ओसीआई (OCI) कार्ड ? (Meaning of OCI Card for foreigners)

अक्सर लोग ओसीआई कार्ड को लेकर भ्रमित रहते हैं। दरअसल, भारत दोहरी नागरिकता नहीं देता है। ऐसे में विदेशी नागरिकता ले चुके भारतीय मूल के लोगों के लिए 'ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया' (OCI) कार्ड एक आजीवन वीजा की तरह काम करता है। इसके जरिए व्यक्ति बिना वीजा के कभी भी भारत आ-जा सकता है। उसे भारत में रहने और काम करने की अनुमति मिलती है (मसलन खेती की जमीन खरीदने और वोट डालने जैसे कुछ अधिकारों को छोड़ कर)। यह कार्ड उन लोगों को मिलता है जिनके माता-पिता, दादा-दादी या वे खुद कभी भारत के नागरिक रहे हों।

'सभी समझौतों की जननी' है यह ट्रेड डील (India EU Free Trade Agreement 2026)

प्रधानमंत्री मोदी ने इस समझौते को "मदर ऑफ ऑल डील्स" करार दिया है। यह समझौता दुनिया की करीब 25 प्रतिशत जीडीपी और वैश्विक व्यापार के एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन के नेतृत्व में हुए इस समझौते से दो अरब लोगों का एक विशाल मुक्त व्यापार क्षेत्र तैयार हुआ है। इससे न केवल भारत में यूरोपीय सामान सस्ता होगा, बल्कि भारतीय सेवाओं और उत्पादों के लिए यूरोप के 27 देशों के दरवाजे खुल जाएंगे।

कोस्टा के ओसीआई कार्ड दिखाने वाला वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर एंटोनियो कोस्टा के ओसीआई कार्ड दिखाने वाला वीडियो को काफी पसंद किया जा रहा है। नेटिज़न्स इसे "सॉफ्ट पावर" का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं। भारतीय प्रवासियों के बीच भी इस बात को लेकर खुशी है कि दुनिया के इतने बड़े पद पर बैठा व्यक्ति अपनी जड़ों को नहीं भूला है।

गोवा की निजी यात्रा पर आ सकते हैं कोस्टा

इस समझौते के बाद अब उम्मीद है कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और बढ़ेगा। एंटोनियो कोस्टा जल्द ही अपने पैतृक स्थान गोवा की निजी यात्रा पर आ सकते हैं। वहीं, व्यापारिक स्तर पर अगले कुछ हफ्तों में शुल्क कटौती की विस्तृत लिस्ट जारी होने की संभावना है।

भारत को लाभ पहुंचा सकता है यह 'इमोशनल कनेक्ट'

बहर​हाल, इस खबर का एक कूटनीतिक पहलू यह भी है कि कोस्टा का भारतीय जुड़ाव चीन और अमेरिका जैसे प्रतिद्वंद्वियों के बीच भारत को यूरोप में एक मजबूत 'इनसाइडर' (Insider) की तरह लाभ पहुँचा सकता है। यह 'इमोशनल कनेक्ट' भविष्य की रणनीतिक वार्ताओं में भारत के लिए ट्रंप कार्ड साबित हो सकता है।

Updated on:
27 Jan 2026 07:05 pm
Published on:
27 Jan 2026 07:04 pm