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CBI कल करेगी CM अरविंद केजरीवाल से पूछताछ, AAP ने कहा- डरते नहीं हैं

CM Kejriwal CBI notice दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के बाद सीबीआई ने शुक्रवार को दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कथित आबकारी नीति घोटाला मामले में रविवार को जांच में शामिल होने के लिए तलब किया। बताया जा रहा है कि केजरीवाल, सीबीआई मुख्यालय जाएंगे और जांच में शामिल होंगे।

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आबकारी मामले में सीएम केजरीवाल को सीबीआई का नोटिस, 16 अप्रैल होगी पूछताछ

Delhi Excise Policy 2021-22 दिल्ली की आबकारी नीति घोटाला की आंच सीएम अरविंद केजरीवाल तक पहुंच गई है। अब सीबीआई सीएम अरविंद केजरीवाल से पूछताछ करेगी। सीबीआई ने शुक्रवार को दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल को कथित आबकारी नीति घोटाला मामले में रविवार 16 अप्रैल को जांच में शामिल होने के लिए तलब किया। सूत्रों ने कहा कि शीर्ष अधिकारियों की एक टीम सीएम केजरीवाल की गवाही दर्ज करेगी। अब यह बात भी सामने आ रही है कि केजरीवाल सीबीआई मुख्यालय जाएंगे और जांच में शामिल होंगे। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को इस मामले में पहले से सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दोनों ने गिरफ्तार किया था और वह फिलहाल जेल में हैं। सीबीआई इस मामले में पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और वे सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने वाली है। सीएम केजरीवाल को पूछताछ के नोटिस भेजने पर आम आदमी पार्टी की ओर से पहली प्रतिक्रिया देते हुए सांसद संजय सिंह ने ट्वीट कर लिखा, अत्याचार का अंत जरूर होगा।

सीबीआई नोटिस पर सीएम होंगे पेश - संजय सिंह

आम आदमी पार्टी नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि, सीबीआई के मुख्यमंत्री को दिए गए नोटिस से उनकी पार्टी डरने वाली नहीं है, न ही पार्टी और न ही केजरीवाल डरने वाले हैं और न ही झुकने वाले हैं। सीबीआई के नोटिस पर मुख्यमंत्री 16 अप्रैल को पेश होंगे।

केजरीवाल को गिरफ्तार करने की रची है साजिश

संजय सिंह ने कहा कि, केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में प्रधानमंत्री और उनके दोस्त के बारे में पैसे को लेकर जो बात सामने रखी थी, उसी के चलते यह नोटिस केजरीवाल को आया है। केजरीवाल को गिरफ्तार करने की साजिश रची जा रही है।

आबकारी नई नीति घोटाला क्या है जानें

सीबीआई और ईडी का आरोप है कि, आबकारी नीति को संशोधित करते समय अनियमितता की गई थी और लाइसेंसधारकों को अनुचित लाभ दिया गया था। इसमें लाइसेंस शुल्क माफ या कम किया गया था। यह भी आरोप है कि आबकारी विभाग ने निर्धारित नियमों के विरुद्ध एक सफल निविदाकर्ता को लगभग 30 करोड़ रुपए की बयाना जमा राशि वापस करने का निर्णय लिया था। नीति से सरकारी खजाने को 144.36 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। दिल्ली के उपराज्यपाल की सिफारिश पर सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की थी।

Updated on:
15 Apr 2023 08:04 am
Published on:
14 Apr 2023 07:39 pm
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