राष्ट्रीय

MP: चुनाव से पहले शिवराज मंत्रिमंडल में विस्तार, आखिर किस बात से डरा हुआ है भगवा खेमा

Expansion in Shivraj government: शिवराज कैबिनेट में आज विस्तार किया गया है। शिवराज मंत्रिमंडल में तीन नए मंत्रियों को शामिल किया गया है। राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने तीनों मंत्रियों को राजभवन में शपथ दिलवाई।

2 min read
 Expansion in Shivraj government before elections what is scare

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव सर पर है। भाजपा ने राज्य की करीब 39 सीटों पर प्रत्याशियों को उतार भी दिया है। ऐसे में खबर है कि शिवराज कैबिनेट में आज विस्तार किया गया है। बता दें कि जब तक इन मंत्रियों के नेम प्लेट की स्याही सूखेगी तब तक राज्य में आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में साफ है कि पार्टी ने इन्हें काम करने के लिए तो मंत्री नहीं बनाया है। इसके पीछे साफ दिखता है कि पार्टी ने इन्हें सिर्फ जातीय संतुलन बैठाने के लिए मंत्री बनाया है।

लेकिन ऐसी क्या मुसीबत आ गई कि भगवा खेमे को चुनाव से डेढ़ महीने पहले ऐसा कदम उठाना पड़ा है? राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने तीनों मंत्रियों को आज राजभवन में शपथ दिलवाई।

ब्राह्मणों को मनाने के लिए राजेंद्र शुक्ला को बनाया मंत्री

रीवा विधानसभा सीट से चार बार के विधायक रहे राजेंद्र शुक्ला को भाजपा ने शिवराज कैबिनेट में मंत्री बनाया है। वह पहले भी मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं। पेशाब कांड के आरोपी प्रवेश शुक्ला के घर पर बुलडोजर चलाने को लेकर भी ब्राह्मणों में नाराजगी है। ऐसे में बीजेपी ब्राह्मण चेहरे को मंत्रिमंडल में शामिल कर उस नाराजगी को कम करने की कोशिश की है। मध्य प्रदेश में ब्राह्मणों का वोट 5% से अधिक नहीं है, लेकिन प्रदेश के 30 विधानसभा सीटों पर उनका दबदबा है। ऐसे में इन सीटों पर ब्राह्मण वोट गेम चेंजर हो सकते हैं।

राहुल लोधी के सहारे SC वोटरों को लुभाने की कोशिश

वहीं, भाजपा शिवराज सरकार के आखिरी कैबिनेट विस्तार में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे और विधायक राहुल लोधी को भी मंत्री बनाया गया है। राहुल को मंत्री बनाकर पार्टी एक तीर से दो निशाने लगाना चाहती है। पहला ये कि वह राहुल के सहारे मध्य प्रदेश में दलितों को लुभाना चाहती है। दूसरा वह उमा भारती की नाराजगी दूर करना चाहती है। बता दें उमा भारती कई मौकों पर शिवराज सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं।


क्षेत्रीय और जातिगत संतुलन साधने के लिए मंत्रिमंडल विस्तार

प्रदेश के मालवा क्षेत्र से आने वाले एक वरिष्ठ विधायक ने बताया कि प्रदेश में आचार संहिता लगने में महज 50 दिन का समय बचा हुआ हैं। सारे विधायक और मंत्री यह मान चुके थे कि अब कोई विस्तार नहीं होगा। यहीं नहीं गृहमंत्री अमित शाह भी बैठक में इसके संकेत दे चुके थे कि संगठन और सत्ता में कोई परिवर्तन नहीं होगा। लेकिन क्षेत्रीय और जातिगत संतुलन को साधने के लिए भाजपा ने मंत्रिमंडल विस्तार किया। जिन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है उनका क्षेत्र में प्रभाव भी है।साथ ही वे जातिगत समीकरण में बिल्कुल फिट बैठते है। बावजूद इसके यह विस्तार पार्टी के लिए घाटे का सौदा साबित हो सकता है। क्योंकि प्रदेश में फिलहाल एक अनार और सौ बीमार जैसी सी स्थिति है।

Published on:
26 Aug 2023 07:16 pm