Fact Check Of Fake News: सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की प्रारंभिक आकलन रिपोर्ट वायरल हो रही है और दावा किया जा रहा है कि यह आईबी द्वारा जारी की गई है। हालांकि अब इसका फैक्ट चेक हो गया है और जिसमें इस रिपोर्ट के फर्जी होने की पुष्टि हो गई है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election) में मतदान के दोनों चरण पूरे हो चुके हैं। 4 मई को बंगाल समेत असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में भी चुनावी परिणाम सामने आ जाएंगे। हालांकि इससे पहले सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ फैलाने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर ‘पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का प्रारंभिक आकलन’ शीर्षक से एक रिपोर्ट वायरल हो रही है है, जिसमें दावा किया गया है कि इसे इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने जारी किया है। हालांकि अब इस रिपोर्ट के फर्जी होने की पुष्टि हो गई है।
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट-चेकिंग यूनिट ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फ़र्ज़ी रिपोर्ट का आज खंडन कर दिया है। इस रिपोर्ट में झूठा दावा किया गया है कि यह 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों पर आईबी का आकलन है, जबकि आईबी ने ऐसा कोई दस्तावेज जारी ही नहीं किया है। पीआईबी फैक्ट-चेकिंग यूनिट ने यह भी साफ कर दिया है कि लोगों को ऐसी खबरों को हमेशा सिर्फ आधिकारिक सरकारी स्रोतों से ही वेरिफ़ाई करना चाहिए और गलत जानकारी को रोकने में मदद करनी चाहिए। साथ ही लोगों से इस तरह की संदिग्ध सामग्री को @PIBFactCheck पर फ़्लैग करने की अपील भी की।
इस बीच चुनाव आयोग (Election Commission) पश्चिम बंगाल में मतदान के दूसरे चरण से संबंधित शिकायतों और अभ्यावेदनों की समीक्षा कर रहा है, जिससे पहचाने गए बूथों पर दोबारा मतदान कराने पर अंतिम निर्णय लिया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मतदान के बाद किए जाने वाले नियमित आकलन तंत्र का हिस्सा है। एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के बाद चुनाव आयोग दक्षिण 24 परगना जिले की 4 विधानसभा सीटों के 77 बूथों पर दोबारा मतदान कराने की मांगों की सक्रिय रूप से जांच कर रहा है। अधिकारियों ने आगे बताया कि चल रही समीक्षा प्रक्रिया के तहत प्रभावित बूथों की सुरक्षा व्यवस्था और मतदान के आंकड़ों की भी जांच की जा रही है।