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इस राज्य के किसानों की हुई बल्ले-बल्ले, खाते में 2 नहीं पूरे 7 हजार आए…प्रदेश सरकार ने 47 लाख लोगों को दिया तोहफा

Annadata Sukhibhav: प्रत्येक किसान को मिलने वाली 7,000 रुपये की राशि में 5,000 रुपये राज्य सरकार और 2,000 रुपये केंद्र सरकार का योगदान है। दरअसल, ये दो हजार रुपये पीएम किसान योजना के तहत दिए गए है।

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Aug 02, 2025
किसानों को मिले 7 हजार रुपये (Photo-IANS)

Annadata Sukhibhav: आंध्र प्रदेश सरकार ने अपने किसानों के लिए एक बड़ी सौगात दी है। नायडू सरकार ने शनिवार को 'अन्नदाता सुखीभव' योजना के तहत 47 लाख किसानों को 7,000 रुपये किसानों के खाते में डाले। दरअसल, इस योजना के तहत प्रति वर्ष किसानों को 20 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। प्रकाशम जिले के दारसी मंडल के पूर्वी वीरयापलेम गांव में सीएम नायडू ने धनराशि की पहली किस्त वितरित की।

29 करोड़ रुपये की दी अतिरिक्त राशि

मुख्यमंत्री नायडू ने इस अवसर पर दो किसानों को प्रतीकात्मक रूप से चेक सौंपा और दारसी निर्वाचन क्षेत्र के लिए 29 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान की। इस योजना के तहत कुल 3,174 करोड़ रुपये का वितरण किया गया, जिसमें से 2,343 करोड़ रुपये राज्य सरकार और 831 करोड़ रुपये केंद्र सरकार की पीएम-किसान योजना के तहत दिए गए।

‘2 हजार पीएम किसान की किस्त है’

बता दें कि प्रत्येक किसान को मिलने वाली 7,000 रुपये की राशि में 5,000 रुपये राज्य सरकार और 2,000 रुपये केंद्र सरकार का योगदान है। दरअसल, ये दो हजार रुपये पीएम किसान योजना के तहत दिए गए है।

किसानों को प्रति वर्ष मिलेंगे 20 हजार 

बता दें कि आंध्र प्रदेश के किसानों को प्रति वर्ष 20 हजार रुपये मिलेंगे। इनमें से 6 हजार रुपये पीएम किसान योजना के तहत किसानों को वितरित किए जाएंगे प्रदेश सरकार द्वारा 14 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस तरह प्रदेश के किसानों को अन्नदाता सुखीभव-पीएम किसान योजना के तहत प्रति वर्ष 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। 

चुनाव में किया था वादा

'अन्नदाता सुखीभव' योजना न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का प्रयास है, बल्कि यह मुख्यमंत्री नायडू की 2024 के चुनावी वादों में शामिल 'सुपर सिक्स' प्रतिबद्धताओं का हिस्सा भी है। 

क्या है अन्नदाता सुखीभव योजना

अन्नदाता सुखीभव योजना आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 20,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है, जो तीन बराबर किश्तों में उनके बैंक खातों में सीधे जमा की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती के खर्चों को कम करने, आधुनिक तकनीकों को अपनाने और उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद करना है। यह योजना विशेष रूप से उन किसानों को लक्षित करती है जो आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हैं।

Published on:
02 Aug 2025 05:07 pm
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