राष्ट्रीय

‘भारत में रहने का अधिकार नहीं’. फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भड़की शिवसेना; बृजभूषण ने भी घेरा

Farooq Abdullah Pakistan Statement Controversy: फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयान पर सियासी विवाद तेज हो गया है। शिवसेना नेता शाइना एनसी और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें घेरा।
2 min read
• •
Updated: 25 Oct 2026, 12:01 PM IST
Pakistan Statement
फारूक अब्दुल्ला के बयान पर सियासी बयानबाजी तेज (Photo-IANS)

Farooq Abdullah Controversy: नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान को लेकर दिए बयान पर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व सीएम अब्दुल्ला पर शिवसेना और बीजेपी ने निसाना साधा है। दोनों ही पार्टियों ने पाकिस्तान के प्रति उनके कथित झुकाव पर सवाल उठाया और कहा कि भारत किसी दूसरे देश की दया पर निर्भर नहीं है।

शाइना एनसी बोलीं- जिन्ना के एजेंडे को जिंदा रख रहे

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर शिवसेना नेता शाइना एनसी ने पलटवार किया है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब फारूक अब्दुल्ला जैसे वरिष्ठ नेता यह कहते हैं कि पाकिस्तान हमें बचा रहा है, तो उन्हें कश्मीर में नेतृत्व करने या जिम्मेदार पदों पर बने रहने का क्या अधिकार है?

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि फारूक अब्दुल्ला पाकिस्तान की भावनाओं को दोहरा रहे हैं। शाइना एनसी ने कहा कि वे गांधी और नेहरू की बात करते हैं, लेकिन जिन्ना के एजेंडे को भूल गए हैं। उनके अनुसार, ऐसे बयानों से जिन्ना के एजेंडे को जिंदा रखा जा रहा है।

शाइना एनसी ने अब्दुल्ला के बयान को देशद्रोही और राष्ट्रविरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि यदि फारूक अब्दुल्ला भारत और उसकी विचारधारा में विश्वास नहीं रखते, तो उन्हें भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

बृजभूषण शरण सिंह बोले- भारत किसी की दया पर निर्भर नहीं

जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला के बयान पर बीजेपी नेता ब्रजभूषण शरण सिंह ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन कभी-कभी पाकिस्तान के प्रति उनका लगाव सामने आ जाता है।

उन्होंने कहा कि भारत किसी की दया पर निर्भर नहीं है। भारत एक शक्तिशाली राष्ट्र है और उसकी सभ्यतागत पहचान हजारों वर्षों पुरानी है। भारत का अस्तित्व केवल पिछले 50 या 100 वर्षों तक सीमित नहीं है।

बृजभूषण शरण सिंह ने जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) का जिक्र करते हुए कहा कि ये भारत का अभिन्न अंग थे और रहेंगे।

वहीं बीजेपी नेता सुब्रत पाठक ने कहा कि चाहे फारूक अब्दुल्ला हों या उनके पिता, दोनों ही पाकिस्तान समर्थक रहे हैं। जब कश्मीरी हिंदुओं को कश्मीर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था, तब उनके पलायन में इन दोनों की प्रमुख भूमिका थी। पाकिस्तान समर्थक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा दिया। आज जब कश्मीर में शांति है, तो उन्हें यह बर्दाश्त नहीं हो रहा है। वे नहीं चाहते कि दूसरे धर्मों के लोग कश्मीर में रहें।

Updated on:
25 Oct 2026, 12:01 PM IST
Published on: