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US Trade Deal पर आखिरी दौर की बातचीत, कम टैरिफ की शर्त पर अड़ा भारत

India America Trade Agreement: भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पहला चरण लगभग तय है, लेकिन भारत प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले कम टैरिफ दर की मांग पर अड़ा है। पीयूष गोयल ने कहा कि डील तभी लागू होगी जब भारत को इंडोनेशिया, वियतनाम, बांग्लादेश जैसे देशों से बेहतर टैरिफ लाभ मिलेगा।
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Jun 26, 2026
India America trade agreement
US Trade Deal(फोटो-IANS)

India US Trade Deal: भारत और अमरीका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के प्रथम चरण पर हस्ताक्षर को तैयार हैं लेकिन भारत अपने निकट प्रतिस्पर्धी देशों से कम टैरिफ दर की मांग पर अड़ गया है। अमरीका से व्यापार वार्ता इसी पर केंद्रित है कि भारत को प्रतिस्पर्धी शुल्क का लाभ मिले। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को लंदन में साफ कहा कि अमरीका से ट्रेड डील बहुत करीब है, लेकिन यह तब तक लागू नहीं हो सकता जब तक भारत अपने प्रतिस्पर्धी देशों पर प्रतिस्पर्धात्मक टैरिफ लाभ (कम टैरिफ) हासिल नहीं कर लेता। जिस दिन ऐसा होगा, सौदा पक्का हो जाएगा।

गोयल इंडिया ग्लोबल फोरम (आईजीएफ) यूके-इंडिया वीक कार्यक्रम में बोल रहे थे। गोयल ने कहा कि वह इससे ज्यादा स्पष्ट कुछ नहीं कह सकते। दोनों देशों के बीच बातचीत इसी पर चल रही है कि अमरीका भारत को यह लाभ दिलाने के लिए क्या प्रशासनिक व कानूनी उपाय करे। गोयल ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर कोई मतभेद नहीं है। दोनों इसके मुख्य बिंदुओं पर सहमत हैं और अब केवल कानूनी डॉक्यूमेंट व टैरिफ से जुड़ी अंतिम प्रोसेस पूरी की जानी बाकी है।

ऐसे समझें भारत की मांग


जब ट्रेड डील पर सहमति के तहत इसी साल 6 फरवरी को भारत पर अमरीकी टैरिफ 50% से घटाकर (25%पेनल्टी टैरिफ समाप्त व सामान्य टैरिफ दर कम) 18% किया गया उस समय भारत के प्रतिस्पर्धी देशों इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, फिलीपींस, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार, कंबोडिया, श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश की तुलना में कम टैरिफ दर तय की गई। इन प्रतिस्पर्धी देशों पर टैरिफ 19 से 20% प्रतिशत के बीच था। बाद में अमरीकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से ट्रंप टैरिफ को अवैध ठहराया गया तो ट्रंप प्रशासन ने भारत व प्रतिस्पर्धियों सहित सभी देशों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लागू कर दिया। भारत अब चाहता है कि उसे अन्य प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम टैरिफ का लाभ मिले।
ग्रीर के समक्ष रख दी भारत ने मांग

जानें डिटेल्स


गोयल का बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पूर्व ही उन्होंने नई दिल्ली में अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर से ट्रेड डील पर बातचीत की थी। माना जा रहा है कि उन्होंने ग्रीर के समक्ष भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट कर दिया है। गोयल व ग्रीर की बैठक में प्रस्तावित ट्रेड डील से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इनमें दोनों देशों की कंपनियों को एक-दूसरे के बाजार तक बेहतर पहुंच, डिजिटल ट्रेड, सप्लाई चेन को मजबूत बनाना, नॉन-टैरिफ बैरियर्स को कम करना और स्ट्रेटेजिक सेक्टर में सहयोग बढ़ाना शामिल था।

Published on:
26 Jun 2026 04:32 am